Home आज की ख़ास ख़बर 1832 में हुआ था जन्म! 194 साल के कछुए ‘जोनाथन’ से मिले पीएम मोदी, दुनिया रह गई हैरान

1832 में हुआ था जन्म! 194 साल के कछुए ‘जोनाथन’ से मिले पीएम मोदी, दुनिया रह गई हैरान

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1832 में हुआ था जन्म! 194 साल के कछुए ‘जोनाथन’ से मिले पीएम मोदी, दुनिया रह गई हैरान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स दौरे के दौरान 194 वर्षीय दुनिया के सबसे बुजुर्ग जीवित स्थलीय कछुए जोनाथन से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री Narendra Modi के तीन दिवसीय Seychelles दौरे की सबसे चर्चित तस्वीर दुनिया के सबसे उम्रदराज़ जीवित स्थलीय कछुए Jonathan से उनकी मुलाकात रही। करीब 194 वर्ष की उम्र वाले इस विशालकाय कछुए से मुलाकात ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।

194 साल का जीवित इतिहास है जोनाथन

जोनाथन को दुनिया का सबसे बुजुर्ग जीवित स्थलीय प्राणी माना जाता है। उसका जन्म लगभग 1832 में हुआ माना जाता है और उसे Guinness World Records द्वारा दुनिया के सबसे उम्रदराज़ जीवित स्थलीय जीव के रूप में मान्यता मिली है। उसने लगभग दो सदियों का इतिहास अपनी आंखों से देखा है।

उम्र के बावजूद आज भी है सक्रिय

विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ती उम्र के कारण जोनाथन की आंखों की रोशनी और सूंघने की क्षमता कमजोर हो चुकी है, लेकिन नियमित देखभाल और संतुलित आहार की वजह से वह आज भी स्वस्थ और सक्रिय है। यही कारण है कि वह दुनियाभर के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

सेशेल्स यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नेशनल बॉटनिकल गार्डन में पौधारोपण भी किया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत और सेशेल्स की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक मानी जा रही है।

भारत-सेशेल्स संबंधों के 50 साल पूरे

प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे पर सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस वर्ष दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हुए हैं। यात्रा के दौरान समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन, रक्षा सहयोग और क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।

क्यों खास है यह यात्रा?

यह प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स की दूसरी आधिकारिक यात्रा है। इस दौरे का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना, आर्थिक सहयोग बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को नई दिशा देना है।

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