राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: पुलिस का बड़ा एक्शन, आरोपियों के घरों पर छापेमारी से मचा हड़कंप
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। पुलिस और जांच एजेंसियों ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सभी नामजद आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और जांच टीम लगातार सबूत जुटाने में लगी हुई है।
जांच टीमों ने इस केस को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग जगहों पर दबिश दी और हर आरोपी के घर की बारीकी से तलाशी ली। पुलिस का मकसद इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलना और चोरी से जुड़े हर सबूत को इकट्ठा करना है।
किन-किन आरोपियों पर हुई कार्रवाई?
पुलिस टीमों ने जिन लोगों के घरों पर छापेमारी की, उनमें शामिल हैं:
- अनुकल्प मिश्रा
- लव कुश मिश्रा
- रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव (मुख्य आरोपी)
- मनीष यादव
- करुणेश पांडे
- रमा शंकर मिश्रा
इसके अलावा पुलिस ने कई ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाकर महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत खंगाले।
परिजनों से पूछताछ, स्थानीय लोगों से भी सवाल-जवाब
छापेमारी के दौरान पुलिस ने लोकल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में आरोपियों के परिजनों से गहन पूछताछ की। साथ ही आसपास के लोगों से भी उनके व्यवहार और गतिविधियों को लेकर जानकारी ली जा रही है।
हालांकि, कुछ मामलों में दो आरोपियों को इस राउंड की पूछताछ से अलग रखा गया है, जबकि बाकी सभी के परिवार जांच के दायरे में हैं।
अब फोकस सिर्फ चोरी नहीं, पैसों के सोर्स पर भी जांच
इस केस में पुलिस अब सिर्फ चोरी की घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे फाइनेंशियल नेटवर्क की जांच कर रही है।
- आरोपियों की कमाई के स्रोत की जांच
- बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की डिटेल खंगाली जा रही है
- संपत्तियों की हिस्ट्री निकाली जा रही है
- पैसे कहां-कहां इस्तेमाल हुए, इसका रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है
जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध रूप से कमाई गई रकम को कैसे और कहां छिपाया गया।
अब तक की बरामदगी
पुलिस जांच में अब तक लगभग:
79 लाख 85 हजार रुपये बरामद किए जा चुके हैं
यह रकम चढ़ावे की चोरी से जुड़ी होने की आशंका जताई जा रही है।
केस की कानूनी स्थिति
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ:
- चोरी
- आपराधिक साजिश
- भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम
जैसे गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
आगे क्या होगा?
SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद कार्रवाई तेज हुई है। अदालत ने हाल ही में सभी आठ आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
अब पुलिस की योजना है:
- सभी आरोपियों की कस्टडी रिमांड मांगना
- बाकी रकम और संपत्ति का पता लगाना
- पूरे नेटवर्क का खुलासा करना