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दवा लेते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना लीवर-किडनी तक हो सकते हैं प्रभावित

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दवा लेते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना लीवर-किडनी तक हो सकते हैं प्रभावित
दवा लेते समय डॉक्टर की सलाह, सही समय और पूरा कोर्स फॉलो करना बेहद जरूरी है, छोटी गलती भी स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है।

दवाइयां बीमारी को ठीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन उनका सही तरीके से सेवन करना भी उतना ही जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार दवा लेते समय की गई छोटी-सी लापरवाही इलाज को प्रभावित करने के साथ-साथ शरीर को गंभीर नुकसान भी पहुंचा सकती है। गलत तरीके से दवा लेने से बीमारी दोबारा लौट सकती है, दवाओं का असर कम हो सकता है और लीवर, किडनी व हृदय जैसी महत्वपूर्ण अंगों पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

गलती 1: डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेना

बुखार, सर्दी, खांसी या दर्द होने पर कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर खाना शुरू कर देते हैं। यह आदत खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकती है। गलत दवा या गलत मात्रा शरीर पर दुष्प्रभाव डाल सकती है।

गलती 2: दवा का कोर्स बीच में ही छोड़ देना

कई लोग थोड़ा आराम मिलते ही एंटीबायोटिक या दूसरी दवाओं का कोर्स अधूरा छोड़ देते हैं। इससे संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं होता और बीमारी फिर से गंभीर रूप ले सकती है। साथ ही बैक्टीरिया दवाओं के प्रति प्रतिरोधी (Antibiotic Resistance) भी बन सकते हैं, जिससे भविष्य में इलाज मुश्किल हो सकता है।

गलती 3: समय पर दवा न लेना

दवा सही समय पर न लेना या खाली पेट तथा भोजन के बाद दी जाने वाली दवाओं के निर्देशों का पालन न करना भी नुकसानदायक हो सकता है। इससे शरीर में दवा का प्रभाव कम हो जाता है और इलाज में अधिक समय लग सकता है। एक्सपायर्ड दवाओं का इस्तेमाल भी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है।

दर्द निवारक और एंटीबायोटिक का अधिक इस्तेमाल क्यों खतरनाक है?

विशेषज्ञों के अनुसार दर्द निवारक दवाओं का लंबे समय तक या जरूरत से ज्यादा सेवन करने से लीवर और किडनी पर गंभीर असर पड़ सकता है। वहीं बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेने से शरीर में बैक्टीरिया दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं, जिससे भविष्य में वही दवाएं असर करना बंद कर सकती हैं। नींद की गोलियां और कुछ कफ सिरप का लगातार उपयोग लत का कारण भी बन सकता है।

जेनेरिक और ब्रांडेड दवा में क्या अंतर है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं में सक्रिय औषधीय तत्व (Active Ingredient) समान होते हैं। दोनों के बीच मुख्य अंतर कंपनी और कीमत का होता है। यदि डॉक्टर की सलाह के अनुसार सही तरीके से उपयोग किया जाए तो जेनेरिक दवाएं भी ब्रांडेड दवाओं जितनी प्रभावी मानी जाती हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी भी दवा को शुरू करने, बंद करने या बदलने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

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