उज्जैन: सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर खड़े हनुमान जी की प्रतिमा का मामला चर्चा में है। मंदिर की चाहरदीवारी और भवन के एक हिस्से को हटाए जाने के बाद प्रतिमा को दूसरी जगह ले जाने की कोशिश की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, अब जिला प्रशासन ने पूरे मामले पर स्पष्टीकरण जारी कर इन दावों को खारिज किया है।
प्रशासन का कहना है कि प्रतिमा को हटाने या विस्थापित करने का अभी तक कोई प्रयास नहीं किया गया है। प्रशासन के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण के काम के दौरान मंदिर के भवन और चाहरदीवारी का हिस्सा ही हटाया गया है।
सिंहस्थ 2028 को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण
उज्जैन में कंठाल चौराहे से छत्री चौक यानी बड़ा सराफा मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। यह शहर के पुराने और व्यस्त इलाकों में शामिल है। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए शहर के अंदरूनी मार्गों को व्यवस्थित करने और यातायात व्यवस्था बेहतर करने के लिए विकास कार्य किए जा रहे हैं।
इसी सड़क चौड़ीकरण की जद में करीब 170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर का भवन भी आया। प्रशासन और नगर निगम की टीम ने मंदिर की चाहरदीवारी और भवन के कुछ हिस्से को हटाया।
प्रतिमा को लेकर सामने आए अलग-अलग दावे
कार्रवाई के बाद मंदिर में स्थापित खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को लेकर विवाद शुरू हो गया। दावा किया गया कि प्रतिमा को दूसरी जगह ले जाने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली।
इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी और मामला राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया। अलग-अलग राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों ने प्रतिमा को लेकर सवाल उठाए।
प्रशासन ने जारी किया स्पष्टीकरण
मामला बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रतिमा को हटाने या विस्थापित करने का कोई प्रयास अब तक नहीं किया गया है। प्रशासन के इस स्पष्टीकरण के बाद प्रतिमा को लेकर सामने आई चर्चाओं और दावों पर नया मोड़ आ गया है।
फिलहाल सड़क चौड़ीकरण का काम जारी है और मंदिर की प्रतिमा को लेकर प्रशासन के स्पष्टीकरण के बाद आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।