राजस्थान शिक्षक भर्ती 2022 को लेकर बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने संशोधित परिणाम में अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों के पक्ष में आदेश देते हुए उनकी नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट का बड़ा आदेश
यह फैसला जस्टिस आनंद शर्मा की बेंच ने दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जिन अभ्यर्थियों के अंक रिवाइज्ड रिजल्ट में बढ़े हैं, उन्हें नौकरी से वंचित नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने यह भी माना कि कुछ मामलों में कम अंक पाने वाले अभ्यर्थी पहले से नौकरी कर रहे हैं, जो न्यायसंगत नहीं है।
27 हजार पदों पर हुई थी भर्ती
यह भर्ती राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा दिसंबर 2022 में जारी की गई थी।
- कुल पद: 27,000
- लेवल-1 और लेवल-2 शिक्षक भर्ती
- परीक्षा वर्ष: 2023
- फाइनल रिजल्ट: 9 जून 2024
कैसे शुरू हुआ विवाद?
अभ्यर्थियों ने दावा किया कि उत्तर कुंजी और मूल्यांकन में त्रुटियां थीं।
इसके बाद संशोधित परिणाम जारी हुआ, जिसमें कई उम्मीदवारों के अंक बढ़ गए।
लेकिन समस्या तब पैदा हुई जब बढ़े हुए अंक वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
कोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने साफ आदेश दिया कि:
✔️ संशोधित रिजल्ट में अधिक अंक पाने वालों को नियुक्ति दी जाए
✔️ चयन प्रक्रिया में समानता और पारदर्शिता जरूरी है
✔️ योग्य अभ्यर्थियों को वंचित नहीं किया जा सकता
क्या बदलेगा अब?
इस फैसले के बाद भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव संभव है और कई अभ्यर्थियों की नौकरी का रास्ता साफ हो सकता है।