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SI भर्ती 2021 पर हाईकोर्ट की बड़ी राहत, फॉर्म भरने वाले सभी अभ्यर्थियों को पुनः परीक्षा में शामिल करने के निर्देश

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SI भर्ती 2021 पर हाईकोर्ट की बड़ी राहत, फॉर्म भरने वाले सभी अभ्यर्थियों को पुनः परीक्षा में शामिल करने के निर्देश
A woman who failed the Rajasthan SI Recruitment 2025 written exam allegedly changed a roll number and created a fake admit card to appear for the physical test in Jaipur. She was caught during document verification.

जयपुर: राजस्थान पुलिस SI भर्ती-2021 की पुनः परीक्षा को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने बड़ा अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) को निर्देश दिए हैं कि भर्ती के लिए आवेदन करने वाले सभी याचिकाकर्ताओं को फॉर्म एडिट (संशोधन) करने का अवसर दिया जाए और उन्हें प्रोविजनल (अस्थायी रूप से) पुनः परीक्षा में शामिल किया जाए।

यह आदेश जस्टिस गणेशराम मीणा की एकलपीठ ने हवा सिंह सहित अन्य अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया।

क्या है पूरा मामला?

RPSC ने 8 मई 2026 को जारी प्रेस नोट में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को 16 से 30 मई तक आवेदन संशोधित करने का मौका दिया था, जिन्होंने वर्ष 2021 की मूल परीक्षा के दोनों पेपर दिए थे।

इसके बाद कई अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनका कहना था कि उन्होंने भर्ती के लिए आवेदन तो किया था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में उन्हें पुनः भर्ती प्रक्रिया से बाहर करना न्यायसंगत नहीं है।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी की कि प्रशासनिक असुविधा किसी पात्र अभ्यर्थी को अवसर से वंचित करने का वैध आधार नहीं हो सकती।

अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अर्थ केवल परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं को पुनः परीक्षा में प्रोविजनली शामिल करने के निर्देश दिए।

आयोग ने क्या दलील दी?

RPSC की ओर से अदालत में कहा गया कि लगभग 4 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन तो किया था, लेकिन परीक्षा में शामिल नहीं हुए। आयोग का तर्क था कि इनमें से कई अभ्यर्थी अब अन्य सरकारी नौकरियों में चयनित हो चुके होंगे या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी छोड़ चुके होंगे।

आयोग ने यह भी कहा कि इतने बड़े स्तर पर सभी अभ्यर्थियों के आवेदन दोबारा स्वीकार करना और उनकी जांच करना प्रशासनिक रूप से काफी कठिन होगा।

याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रघुनंदन शर्मा ने दलील दी कि हाईकोर्ट ने भर्ती रद्द करते समय 2021 भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने के निर्देश दिए थे। बाद में 4 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने भी उस आदेश को बरकरार रखा।

इसी आधार पर अदालत ने माना कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी पात्र अभ्यर्थियों को अवसर मिलना चाहिए।

सितंबर में प्रस्तावित पुनः परीक्षा

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब RPSC को याचिकाकर्ताओं को आवेदन संशोधन का मौका देना होगा और उन्हें सितंबर 2026 में प्रस्तावित SI भर्ती पुनः परीक्षा में अस्थायी रूप से शामिल करना होगा। अंतिम निर्णय मामले की अगली सुनवाई और अंतिम आदेश पर निर्भर करेगा।

अब तक का पूरा घटनाक्रम

  • SI भर्ती-2021 के लिए करीब 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
  • इनमें से 3.83 लाख से अधिक अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे।
  • 28 अगस्त 2025 को हाईकोर्ट की एकलपीठ ने भर्ती रद्द कर दी थी।
  • 4 अप्रैल 2026 को खंडपीठ ने भी इस फैसले को बरकरार रखा।
  • चयनित अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन 4 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
  • अब हाईकोर्ट ने नए अंतरिम आदेश में सभी याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए पुनः परीक्षा में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

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