जयपुर। राजस्थान सरकार ने गंभीर रक्त कैंसर से जूझ रहे सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने CAR-T Cell Therapy को राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के पैकेज में शामिल कर लिया है। इस फैसले के तहत पात्र मरीजों को इलाज के लिए अधिकतम ₹30 लाख तक की सहायता मिल सकेगी।
यह सुविधा खास तौर पर ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और मल्टीपल मायलोमा जैसे गंभीर रक्त कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली CAR-T Cell Therapy के लिए दी जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी सरकार के इस फैसले की जानकारी साझा की है। सरकार के मुताबिक, इस पहल से गंभीर बीमारी से जूझ रहे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आधुनिक उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
₹30 लाख के पैकेज में क्या-क्या शामिल?
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के अनुसार, CAR-T Cell Therapy के लिए अधिकतम ₹30 लाख का पैकेज तय किया गया है।
इसमें:
- ₹26 लाख — CAR-T Cells के निर्माण की लागत
- ₹4 लाख — मरीज की देखभाल और संभावित जटिलताओं के प्रबंधन के लिए
इसके अलावा पैकेज में टोसीलिजुमैब, IVIG, अस्पताल में भर्ती और डिस्चार्ज के बाद 30 दिनों की दवाएं भी शामिल हैं।
क्या है CAR-T Cell Therapy?
CAR-T Cell Therapy कैंसर के इलाज की एक आधुनिक इम्यूनोथेरेपी है। इसमें मरीज के खून से T-लिम्फोसाइट्स नाम की प्रतिरक्षा कोशिकाएं ली जाती हैं।
इन कोशिकाओं को प्रयोगशाला में इस तरह तैयार किया जाता है कि वे कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और उनसे लड़ने में सक्षम हो सकें। जरूरी जांच के बाद इन संशोधित कोशिकाओं को वापस मरीज के शरीर में दिया जाता है।
यह थेरेपी खास तौर पर कुछ गंभीर रक्त कैंसर के मरीजों के इलाज में इस्तेमाल की जाती है।
बड़ी बात
राजस्थान में RGHS के तहत पात्र गंभीर कैंसर मरीजों को CAR-T Cell Therapy के लिए ₹30 लाख तक का पैकेज मिलेगा।