संसद का मानसून सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र के आखिरी दिन भी सदन में जोरदार हंगामे का असर देखने को मिला। लोकसभा की कार्यवाही महज 1 मिनट चली, जबकि राज्यसभा करीब 1 घंटे तक चली।
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पूरी केंद्रीय कैबिनेट और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद रहे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वंदे मातरम् के गायन के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
राज्यसभा में MMDR संशोधन बिल पास
राज्यसभा में आखिरी दिन MMDR संशोधन बिल पारित किया गया। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया।
लोकसभा में करीब 96 घंटे नहीं हुआ काम
मानसून सत्र के दौरान लोकसभा की 19 बैठकें हुईं। सामान्य तौर पर एक दिन में करीब 6 घंटे की कार्यवाही होती है। इस हिसाब से करीब 114 घंटे काम होना था, लेकिन सदन में वास्तविक कार्यवाही लगभग 17 घंटे 30 मिनट ही चल सकी।
यानी करीब 96 घंटे 30 मिनट का निर्धारित समय हंगामे और व्यवधान की वजह से बर्बाद हुआ।
आखिरी दिन भी विपक्ष और सरकार आमने-सामने
सत्र के दौरान कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिला। विपक्ष अलग-अलग मुद्दों पर सरकार से जवाब की मांग करता रहा, जबकि सरकार ने विपक्ष पर सदन नहीं चलने देने का आरोप लगाया।
आखिरी दिन प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी का सदन में मौजूद होना भी चर्चा का विषय रहा, लेकिन लोकसभा में कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
पिछले साल से भी अलग रहा सत्र
साल 2025 का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चला था। उस दौरान लोकसभा और राज्यसभा की 21-21 बैठकें हुई थीं। लोकसभा में करीब 37 घंटे कार्यवाही चली थी। इस बार भी लगातार व्यवधान के कारण सदन के कामकाज पर बड़ा असर पड़ा।