बारिश का मौसम आते ही हमारी लाइफस्टाइल और खानपान में कई बदलाव हो जाते हैं। चाय के साथ पकौड़े, चिप्स, नमकीन और बाहर का तला-भुना खाना ज्यादा पसंद किया जाता है। वहीं बारिश के कारण लोग घरों में ज्यादा समय बिताते हैं, जिससे रोज की शारीरिक गतिविधि भी कम हो जाती है।
ये बदलाव शरीर में वाटर रिटेंशन (Water Retention) की समस्या को बढ़ा सकते हैं। इसमें शरीर जरूरत से ज्यादा पानी जमा करने लगता है, जिससे चेहरे, हाथ-पैर और शरीर के दूसरे हिस्सों में सूजन और भारीपन महसूस हो सकता है।
क्या होता है वाटर रिटेंशन?
वाटर रिटेंशन को मेडिकल भाषा में फ्लूड रिटेंशन या एडिमा (Edema) कहा जाता है। जब शरीर के टिश्यू में जरूरत से ज्यादा पानी जमा होने लगता है, तो सूजन दिखाई देने लगती है।
आमतौर पर यह समस्या अस्थायी होती है और खानपान व लाइफस्टाइल में बदलाव से ठीक हो सकती है, लेकिन लंबे समय तक रहने पर यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है।
मानसून में क्यों बढ़ता है वाटर रिटेंशन का खतरा?
1. ज्यादा नमक वाला खाना
बारिश के मौसम में नमकीन, चिप्स, अचार और प्रोसेस्ड फूड खाने की आदत बढ़ जाती है। इनमें सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर में पानी रोकने का काम करता है।
2. कम शारीरिक गतिविधि
बारिश के कारण लोग वॉकिंग या एक्सरसाइज कम कर देते हैं। लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है और सूजन बढ़ सकती है।
3. कम पानी पीना
कई लोग मौसम ठंडा होने के कारण पानी कम पीते हैं। इससे शरीर डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पानी जमा करने लगता है।
4. हार्मोनल बदलाव
महिलाओं में पीरियड्स के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण भी शरीर में पानी जमा हो सकता है।
वाटर रिटेंशन के सामान्य लक्षण
- चेहरे पर सूजन, खासकर सुबह के समय
- हाथ-पैरों में भारीपन
- पैरों और टखनों में सूजन
- वजन अचानक बढ़ना
- अंगूठी या जूते टाइट लगना
- त्वचा दबाने पर निशान रह जाना
- शरीर में थकान और बेचैनी महसूस होना
वाटर रिटेंशन कम करने के 9 आसान उपाय
1. नमक की मात्रा कम करें
खाने में ज्यादा नमक, पैकेज्ड फूड और नमकीन से बचें।
2. पर्याप्त पानी पिएं
शरीर को हाइड्रेट रखने से अतिरिक्त पानी बाहर निकालने में मदद मिलती है।
3. रोज हल्की एक्सरसाइज करें
वॉकिंग, योग या स्ट्रेचिंग जैसी गतिविधियां ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करती हैं।
4. पोटैशियम वाले फूड खाएं
केला, नारियल पानी, पालक और दालें शरीर में सोडियम बैलेंस करने में मदद कर सकती हैं।
5. लंबे समय तक एक जगह न बैठें
हर थोड़ी देर में उठकर चलने की कोशिश करें।
6. पैरों को ऊंचा रखकर आराम करें
इससे पैरों की सूजन कम करने में मदद मिल सकती है।
7. तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम करें
फास्ट फूड और पैकेज्ड स्नैक्स में सोडियम ज्यादा हो सकता है।
8. नींद पूरी लें
कम नींद भी शरीर के हार्मोन बैलेंस को प्रभावित कर सकती है।
9. शरीर के संकेतों पर ध्यान दें
अगर सूजन लंबे समय तक बनी रहे या अचानक बढ़ जाए तो डॉक्टर से सलाह लें।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर शरीर में अचानक ज्यादा सूजन हो, सांस लेने में परेशानी हो, एक पैर में ज्यादा सूजन हो या लगातार वजन बढ़ रहा हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मानसून में थोड़ी सावधानी, संतुलित खानपान और नियमित गतिविधि से वाटर रिटेंशन की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।