Iran-US War Update: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट का दावा किया गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आरोप लगाया कि अमेरिकी खुफिया जानकारी की वजह से दोनों टैंकर समुद्री माइंस से टकराए और उनमें आग लग गई।
हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के इस दावे को खारिज करते हुए इसे गलत बताया है।
अमेरिका ने लगातार सातवीं रात किया हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसने लगातार सातवीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों, हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी हमलों में ईरान के सीरिक, बुशेहर, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और यज्द जैसे इलाकों को निशाना बनाया गया।
ईरान की चेतावनी- जमीनी हमला हुआ तो जवाब देंगे
अमेरिका के संभावित जमीनी हमले को लेकर ईरान ने कड़ा बयान दिया है। ईरानी सांसद अहमद बख्शायेश अर्देस्तानी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने जमीनी कार्रवाई शुरू की तो ईरान कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है।
चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर को नुकसान
अमेरिकी एयरस्ट्राइक में ईरान के चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। ईरान के अनुसार यह टावर बंदरगाह पर व्यावसायिक जहाजों की निगरानी करता था।
हालांकि, भारत के लिए राहत की बात यह है कि चाबहार पोर्ट का शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल, जो भारत से जुड़ा है, सुरक्षित बताया गया है।
ईरान ने बिजली बचाने की अपील की
ईरान ने माना है कि उसके बिजली ढांचे को हमलों में नुकसान पहुंचा है। इसके बाद सरकार ने दक्षिणी प्रांतों के लोगों से बिजली की खपत कम करने की अपील की है।
ब्रिटेन ने IRGC पर लिया बड़ा फैसला
ब्रिटेन ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित किया है। ब्रिटेन के अनुसार अब IRGC का समर्थन करना अपराध माना जाएगा।
ईरान का दावा- अमेरिकी एयरबेस को बनाया निशाना
ईरान ने दावा किया है कि उसने कतर स्थित अमेरिका के अल उदैद एयरबेस पर हमला किया। ईरान के मुताबिक इस हमले में अमेरिकी HIMARS रॉकेट सिस्टम, मिसाइलें और सैन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचा है।
फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट और खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है। दुनिया की नजर अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर बनी हुई है।