Iran Earthquake News: ईरान के दक्षिण-पश्चिमी खुजेस्तान प्रांत में रविवार सुबह 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने तुरंत इमरजेंसी अलर्ट जारी करते हुए राहत और बचाव एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है।
खुजेस्तान के गवर्नर सैयद मोहम्मद रजा मौलाइजादेह ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत टीमें भेज दी गई हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 12 किलोमीटर नीचे था। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
लगातार आठवीं रात अमेरिका ने किया हमला
भूकंप के बीच ईरान और अमेरिका के बीच तनाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार आठवीं रात भी ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने खुद इन हमलों को मंजूरी दी थी। उनके अनुसार, यह कार्रवाई जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के जवाब में की गई है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट
1. अमेरिका के साथ समझौते से पीछे हटा ईरान
ईरान ने एक महीने पहले अमेरिका के साथ हुए समझौते से पीछे हटने का ऐलान किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है, इसलिए ईरान भी अब उसका पालन नहीं करेगा।
2. अमेरिकी हमलों में 50 लोगों की मौत का दावा
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 27 जून से 18 जुलाई के बीच अमेरिकी हवाई हमलों में 50 लोगों की मौत हुई है, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
3. डिसैलिनेशन प्लांट बने निशाना
कुवैत ने दावा किया है कि ईरान ने उसके एक डिसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया है। वहीं, ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने होर्मोजगान प्रांत में स्थित उसके एक डिसैलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया।
4. दो पुल क्षतिग्रस्त
अमेरिकी हमलों में बंदर अब्बास-रूदान मार्ग पर बने दो पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा जस्क के पास के कुछ इलाकों में भी सैन्य कार्रवाई की खबर है।
5. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही घटी
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या पिछले तीन हफ्तों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। शिप ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार, गुरुवार को इस रास्ते से केवल 8 जहाज ही गुजरे।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भूकंप ने हालात को और गंभीर बना दिया है। पूरी दुनिया की नजर अब इस क्षेत्र के अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई है।