फिजिकल हेल्थ: फंगस पर बेअसर हो रहीं दवाएं, बढ़ रहा एंटीफंगल रेजिस्टेंस; WHO ने जताई चिंता, जानिए खतरा और बचाव के तरीके

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WHO has raised concerns over the growing threat of antifungal resistance as medicines used to treat fungal infections are becoming less effective. Experts advise proper hygiene, safe medication use, and timely treatment to prevent serious health risks.

दुनिया में फंगल इन्फेक्शन अब एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। हाल ही में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने एंटीफंगल रेजिस्टेंस को लेकर चिंता जताई है। WHO के मुताबिक, हर साल दुनियाभर में 30 करोड़ से ज्यादा लोग फंगल इन्फेक्शन से प्रभावित होते हैं और इनमें से कई मामलों में इलाज मुश्किल होता जा रहा है।

दरअसल, फंगल इन्फेक्शन के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली एंटीफंगल दवाओं का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है। कई फंगस इन दवाओं के खिलाफ खुद को मजबूत बना रहे हैं, जिसे एंटीफंगल रेजिस्टेंस कहा जाता है।

क्या होता है एंटीफंगल रेजिस्टेंस?

जब किसी फंगस पर एंटीफंगल दवा का असर होना बंद हो जाता है या दवा पहले की तरह काम नहीं करती, तो इस स्थिति को एंटीफंगल रेजिस्टेंस कहते हैं। ऐसे संक्रमण का इलाज लंबा और मुश्किल हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि फंगल संक्रमण आमतौर पर त्वचा, नाखून, मुंह, फेफड़ों और शरीर के अन्य हिस्सों को प्रभावित कर सकते हैं। कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में यह संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है।

क्यों बढ़ रहा है फंगस का खतरा?

एंटीफंगल रेजिस्टेंस बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं—

  • एंटीफंगल दवाओं का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल
  • डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेना
  • दवा का पूरा कोर्स पूरा न करना
  • खेती और पशुपालन में एंटीफंगल दवाओं का उपयोग
  • बदलता पर्यावरण और बढ़ती नमी

बारिश और ज्यादा नमी वाले मौसम में फंगस तेजी से बढ़ सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा?

कुछ लोगों में फंगल संक्रमण गंभीर होने की संभावना ज्यादा होती है—

  • कमजोर इम्युनिटी वाले लोग
  • डायबिटीज के मरीज
  • लंबे समय तक स्टेरॉयड लेने वाले लोग
  • कैंसर या गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज
  • बुजुर्ग और छोटे बच्चे

फंगल इन्फेक्शन के सामान्य लक्षण

फंगल संक्रमण के लक्षण संक्रमण की जगह पर निर्भर करते हैं। सामान्य लक्षणों में शामिल हैं—

  • त्वचा पर खुजली और लाल चकत्ते
  • जलन और सूजन
  • सफेद परत या दाग दिखाई देना
  • नाखूनों का कमजोर होना या रंग बदलना
  • बार-बार होने वाला संक्रमण
  • गंभीर मामलों में सांस लेने में परेशानी

WHO ने जारी की ग्लोबल स्ट्रेटजी

इस बढ़ते खतरे को देखते हुए WHO ने फंगल इन्फेक्शन और एंटीफंगल रेजिस्टेंस से निपटने के लिए ग्लोबल स्ट्रेटजी जारी की है। इसमें संक्रमण की सही पहचान, समय पर इलाज, दवाओं के सही इस्तेमाल और लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

फंगस से बचने के लिए 12 जरूरी सावधानियां

  1. शरीर और त्वचा को साफ व सूखा रखें।
  2. पसीने वाली जगहों की सफाई का ध्यान रखें।
  3. गीले कपड़े लंबे समय तक न पहनें।
  4. बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीफंगल दवा न लें।
  5. दवा शुरू करने के बाद पूरा कोर्स पूरा करें।
  6. तौलिया, कपड़े और निजी सामान साझा न करें।
  7. पैरों को साफ और सूखा रखें।
  8. सार्वजनिक जगहों पर नंगे पैर चलने से बचें।
  9. डायबिटीज मरीज ब्लड शुगर कंट्रोल रखें।
  10. इम्युनिटी मजबूत रखने के लिए पौष्टिक आहार लें।
  11. बार-बार संक्रमण होने पर डॉक्टर से जांच कराएं।
  12. घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।

डॉक्टरों का कहना है कि फंगल इन्फेक्शन को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर पहचान और सही इलाज से संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सकता है। वहीं, एंटीफंगल दवाओं का इस्तेमाल केवल विशेषज्ञों की सलाह से करना बेहद जरूरी है।

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