भारतीय मजदूर संघ (BMS) की ओर से 17 अगस्त को राजस्थान समेत देशभर में श्रमिकों के मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बढ़ती महंगाई, न्यूनतम वेतन, EPF, ESIC, पेंशन, बोनस, ग्रेच्युटी और संविदा कर्मचारियों के वेतन समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर श्रमिक अपनी आवाज उठाएंगे। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
लोकतांत्रिक तरीके से होगा आंदोलन
BMS के प्रदेश महामंत्री मुकेश सोलंकी ने कहा कि संगठन श्रमिकों की न्यायोचित मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन करेगा।
उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ने, अस्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा की सीमित उपलब्धता और वेतन संबंधी विसंगतियों के कारण श्रमिक वर्ग को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जयपुर में हजारों कार्यकर्ता निकालेंगे रैली
जयपुर में BMS की जिला इकाई की ओर से हजारों कार्यकर्ता रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे। रैली राम मंदिर, पुराना पावर हाउस और रेलवे स्टेशन से सुबह 11 बजे रवाना होगी।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद सभा आयोजित की जाएगी। इसके बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा।
कौन-कौन कर्मचारी होंगे शामिल?
प्रदर्शन में सरकारी और निजी संस्थानों के कर्मचारी, सार्वजनिक उपक्रमों के श्रमिक, बैंक और डाक कर्मचारी, बीमा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के श्रमिक, संविदा कर्मचारी, योजना कर्मचारी और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक शामिल होंगे।
क्या हैं प्रमुख मांगें?
BMS की मांगों में मुख्य रूप से—
- न्यूनतम वेतन में सुधार
- EPF से जुड़े मुद्दों का समाधान
- ESIC सुविधाओं में सुधार
- श्रमिकों के लिए बेहतर पेंशन
- बोनस से जुड़े मुद्दों का समाधान
- ग्रेच्युटी संबंधी मांगें
- संविदा कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों में सुधार
- अस्थायी रोजगार की समस्या का समाधान
- श्रमिकों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा
शामिल हैं।
सरकार से गंभीरता से विचार करने की अपील
BMS प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रकाश शर्मा ने कहा कि जब भी श्रमिक हितों की अनदेखी होती है, संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महंगाई, रोजगार की अस्थिरता, वेतन और सामाजिक सुरक्षा श्रमिकों के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। संगठन ने सरकार से श्रमिकों की 11 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालने की अपील की है।