अलवर शहर के पास मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब 6 बजे एक तेल पैकिंग फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि फैक्ट्री की एक दीवार गिर गई और बड़ी मात्रा में सरसों का तेल सड़क पर बह गया। फैक्ट्री में आग लगने के समय करीब 700 टन सरसों तेल का स्टॉक मौजूद था।
आग की लपटें और धुआं देखकर आसपास की फैक्ट्रियों में भी अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा को देखते हुए आसपास की कई फैक्ट्रियों को खाली कराया गया।
5 जिलों से पहुंचीं 25 से ज्यादा दमकलें
आग पर काबू पाने के लिए 5 जिलों से 25 से ज्यादा दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल टीमों ने करीब 150 चक्कर लगाकर लगातार पानी और फोम की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया।
करीब 8 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद दोपहर करीब 2 बजे आग पर काबू पाया जा सका। फैक्ट्री मालिक पवन चौधरी के मुताबिक, आग पूरी तरह बुझाने के बाद भी घटनास्थल पर स्थिति की निगरानी की गई।
15 अगस्त की छुट्टी के कारण फैक्ट्री बंद थी
फैक्ट्री में 15 अगस्त के कारण छुट्टी थी। उस समय फैक्ट्री में कर्मचारी मौजूद नहीं थे और केवल सुरक्षा गार्ड तैनात था।
गार्ड ने सबसे पहले फैक्ट्री के अंदर से आग की लपटें निकलती देखीं। उसने तुरंत फैक्ट्री मालिक पवन चौधरी को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दमकल विभाग और प्रशासन को सूचना दी गई।
सड़क पर बहा सरसों का तेल
आग की गर्मी और फैक्ट्री की संरचना को नुकसान पहुंचने के कारण एक दीवार गिर गई। इसके बाद फैक्ट्री में मौजूद सरसों का तेल बाहर निकलकर सड़क पर बहने लगा। इससे आग को नियंत्रित करने में दमकल कर्मियों के सामने अतिरिक्त चुनौती पैदा हुई।
वन मंत्री संजय शर्मा भी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलने के बाद वन मंत्री संजय शर्मा भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से आग बुझाने के अभियान की जानकारी ली। प्रशासन और दमकल विभाग की टीमों ने आसपास की फैक्ट्रियों में आग फैलने से रोकने के लिए भी सुरक्षा इंतजाम किए।
फिलहाल आग लगने के सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है। आग से फैक्ट्री को कितना नुकसान हुआ, इसका आकलन आग पूरी तरह बुझने और नुकसान का निरीक्षण किए जाने के बाद किया जाएगा।