2 अगस्त 1997 को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट मैच शुरू हुआ। उस समय श्रीलंका को टेस्ट क्रिकेट का दर्जा मिले करीब 15 साल ही हुए थे और टीम ने 75 टेस्ट में सिर्फ 9 मुकाबले जीते थे। लेकिन इस मैच में श्रीलंका ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जो आज भी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कायम है।
सचिन तेंदुलकर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और 537/8 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। भारत की ओर से नवजोत सिंह सिद्धू ने 111, सचिन तेंदुलकर ने 143 और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 126 रन बनाए।
इसके बाद श्रीलंका की बल्लेबाजी शुरू हुई और मैच की कहानी ही बदल गई।
पहली गेंद पर विकेट, फिर दो दिन तक नहीं मिला दूसरा विकेट
श्रीलंका की पारी की शुरुआत सनथ जयसूर्या और मरवन अटापट्टू ने की। डेब्यू कर रहे भारतीय गेंदबाज निलेश कुलकर्णी ने अपने टेस्ट करियर की पहली ही गेंद पर अटापट्टू को आउट कर दिया।
लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों को अगले विकेट के लिए करीब दो दिन इंतजार करना पड़ा।
जयसूर्या के साथ रोशन महानामा क्रीज पर आए। दोनों ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ ऐसा मोर्चा संभाला कि विकेट मिलना मुश्किल हो गया।
जयसूर्या और महानामा ने जोड़े 576 रन
सनथ जयसूर्या और रोशन महानामा ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन की ऐतिहासिक साझेदारी की।
जयसूर्या ने 340 रन बनाए, जबकि महानामा ने 225 रन की पारी खेली। दोनों की साझेदारी ने उस समय टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया था।
जयसूर्या ने अपनी 340 रन की पारी के दौरान 578 गेंदों का सामना किया और 36 चौके व 2 छक्के लगाए। वह करीब 799 मिनट तक क्रीज पर रहे।
महानामा ने 561 गेंदों पर 225 रन बनाए और उनकी पारी में 27 चौके शामिल थे।
श्रीलंका ने बनाया 952/6 का विश्व रिकॉर्ड
जयसूर्या और महानामा के आउट होने के बाद भी श्रीलंका की बल्लेबाजी नहीं रुकी। अरविंद डी सिल्वा ने 126 रन बनाए, जबकि अर्जुन रणतुंगा ने 86 रन की पारी खेली। महेला जयवर्धने ने भी अपने डेब्यू टेस्ट में 66 रन बनाए।
श्रीलंका ने 271 ओवर बल्लेबाजी करते हुए 952/6 रन बनाए और पारी घोषित की।
यह टेस्ट क्रिकेट में किसी टीम का सबसे बड़ा टीम स्कोर बन गया। 29 साल बीतने के बाद भी यह रिकॉर्ड कायम है।
जयसूर्या के 340 रन के लिए उमड़ी भीड़
पांचवें दिन जयसूर्या 326 रन पर नाबाद थे और ब्रायन लारा के 375 रन के रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहे थे। उन्हें देखने के लिए 30 हजार से ज्यादा दर्शक स्टेडियम पहुंचे।
लेकिन लारा का रिकॉर्ड टूटने से पहले ही जयसूर्या आउट हो गए। राजेश चौहान की गेंद पर उन्होंने शॉट खेला और प्वाइंट पर सौरव गांगुली ने उनका कैच पकड़ लिया।
जयसूर्या 578 गेंदों में 340 रन बनाकर आउट हुए।
भारतीय स्पिनर्स ने डाले 220 ओवर
इस मैच में भारतीय गेंदबाजों की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन स्पिनर्स ने मिलकर 220 ओवर गेंदबाजी की।
- राजेश चौहान — 78 ओवर
- अनिल कुंबले — 72 ओवर
- निलेश कुलकर्णी — 70 ओवर
तीनों ने मिलकर 594 रन खर्च किए और सिर्फ 3 विकेट हासिल किए।
मैच का क्या हुआ?
भारत ने पहली पारी में 537/8 घोषित किए थे। जवाब में श्रीलंका ने 952/6 का विशाल स्कोर बनाया। पांच दिन तक चले इस मुकाबले में कुल 1,489 रन बने, लेकिन सिर्फ 14 विकेट गिरे।
आखिरकार मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ।
576 रन की साझेदारी भी बाद में टूटी
जयसूर्या और महानामा की 576 रन की साझेदारी उस समय विश्व रिकॉर्ड थी। लेकिन 2006 में श्रीलंका के ही कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 624 रन की साझेदारी करके यह रिकॉर्ड तोड़ दिया।
हालांकि, श्रीलंका का 952/6 का टीम स्कोर आज भी टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर है।
यह मुकाबला इसलिए भी यादगार है क्योंकि इसमें एक तरफ भारतीय गेंदबाजों को लगभग चार दिन तक विकेट के लिए संघर्ष करना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ श्रीलंका ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जिसे करीब तीन दशक बाद भी कोई टीम नहीं तोड़ सकी है।