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आज वर्ल्ड ऑर्गन डोनेशन डे: एक डोनर कई जिंदगियां बचा सकता है, जानिए अंगदान से जुड़े हर सवाल का जवाब

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आज वर्ल्ड ऑर्गन डोनेशन डे: एक डोनर कई जिंदगियां बचा सकता है, जानिए अंगदान से जुड़े हर सवाल का जवाब
World Organ Donation Day is observed on August 13 to spread awareness about organ donation. A single donor can potentially help multiple patients through organ and tissue transplantation, highlighting the importance of informed decisions and donor awareness in India.

हर साल 13 अगस्त को वर्ल्ड ऑर्गन डोनेशन डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक करना और अंग प्रत्यारोपण को लेकर मौजूद भ्रांतियों को दूर करना है। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके स्वस्थ अंग जरूरतमंद मरीजों के जीवन को बचाने में मदद कर सकते हैं।

भारत में अंग प्रत्यारोपण की जरूरत लगातार बढ़ रही है, लेकिन डोनर की संख्या अभी भी जरूरत के मुकाबले काफी कम है। इसी वजह से बड़ी संख्या में मरीजों को लंबे समय तक ट्रांसप्लांट का इंतजार करना पड़ता है।

एक डोनर कितने लोगों की मदद कर सकता है?

मृत्यु के बाद अंगदान से किडनी, लिवर, हृदय, फेफड़े और अन्य अंगों का प्रत्यारोपण जरूरतमंद मरीजों में किया जा सकता है। इसके अलावा आंखों के कॉर्निया और कुछ टिश्यू भी दान किए जा सकते हैं।

अलग-अलग परिस्थितियों में एक डोनर से कई मरीजों को लाभ मिल सकता है। इसी कारण अंगदान को मृत्यु के बाद भी दूसरों को जीवन देने का बेहद महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।

भारत में अंगदान की जरूरत कितनी है?

देश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक करीब 90 हजार मरीज ऑर्गन ट्रांसप्लांट की वेटिंग लिस्ट में थे, जबकि 2025 में करीब 20 हजार ट्रांसप्लांट हुए।

एक रिसर्च के मुताबिक, भारत में किडनी, लिवर, हार्ट और लंग्स जैसे प्रमुख अंगों की प्रत्यारोपण जरूरत आने वाले वर्षों में और बढ़ सकती है।

कौन कर सकता है अंगदान?

अंगदान के लिए उम्र अकेली सबसे बड़ी बाधा नहीं है। किसी व्यक्ति के अंग दान के योग्य हैं या नहीं, इसका फैसला मेडिकल विशेषज्ञ व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और संबंधित अंग की गुणवत्ता के आधार पर करते हैं।

मृत्यु के बाद अंगदान के लिए अस्पताल और अधिकृत ट्रांसप्लांट सिस्टम की मेडिकल प्रक्रिया का पालन किया जाता है।

क्या जीवित रहते भी अंगदान किया जा सकता है?

हां। कुछ अंग या अंग का हिस्सा जीवित व्यक्ति भी दान कर सकता है, लेकिन इसके लिए कड़े मेडिकल और कानूनी नियम लागू होते हैं।

उदाहरण के तौर पर, कुछ परिस्थितियों में व्यक्ति अपनी एक किडनी या लिवर का एक हिस्सा दान कर सकता है। यह तभी संभव होता है जब मेडिकल जांच में डोनर और प्राप्तकर्ता दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

ब्रेन डेथ क्या होती है?

मृत्यु के बाद अंगदान के संदर्भ में ब्रेन डेथ बेहद महत्वपूर्ण अवधारणा है। इसमें मस्तिष्क की सभी गतिविधियां स्थायी रूप से समाप्त हो जाती हैं और व्यक्ति के ठीक होने की संभावना नहीं रहती।

ऐसे मामलों में निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार ब्रेन डेथ की पुष्टि की जाती है। इसके बाद परिवार की सहमति और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर उपयुक्त अंगों को ट्रांसप्लांट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्या अंगदान से शरीर को नुकसान पहुंचाया जाता है?

अंग निकालने की प्रक्रिया सामान्य सर्जिकल प्रक्रिया और निर्धारित मेडिकल नियमों के तहत की जाती है। इसका उद्देश्य शरीर का अनादर करना नहीं, बल्कि दान किए गए अंगों को सुरक्षित तरीके से जरूरतमंद मरीज तक पहुंचाना होता है।

अंतिम संस्कार या पार्थिव शरीर को परिवार को सौंपने से पहले संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाती है।

अंगदान को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमियां

अंगदान को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां मौजूद हैं। जैसे कुछ लोग मानते हैं कि उम्र ज्यादा होने पर अंगदान संभव नहीं है या डॉक्टर डोनर को बचाने की कोशिश कम कर सकते हैं। ये धारणाएं सही नहीं हैं।

इलाज करने वाली मेडिकल टीम का पहला उद्देश्य मरीज की जान बचाना होता है। अंगदान की प्रक्रिया तभी शुरू होती है जब निर्धारित मेडिकल मानकों के अनुसार मृत्यु की पुष्टि हो जाती है।

क्या अंगदान करने के लिए पहले से इच्छा जतानी जरूरी है?

लोग अपने जीवनकाल में अंगदान की इच्छा व्यक्त कर सकते हैं और इसके लिए निर्धारित आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिज्ञा भी कर सकते हैं। हालांकि, वास्तविक अंगदान की स्थिति आने पर संबंधित कानूनी और पारिवारिक सहमति की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होती है।

इसलिए परिवार के सदस्यों को अपनी इच्छा के बारे में पहले से बताना बेहद जरूरी है।

कैसे बढ़ेगा अंगदान?

विशेषज्ञों के अनुसार अंगदान बढ़ाने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना, अस्पतालों में आवश्यक सुविधाएं मजबूत करना और परिवारों को अंगदान की प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी देना जरूरी है।

एक व्यक्ति का अंगदान कई मरीजों के लिए उम्मीद बन सकता है। इसलिए वर्ल्ड ऑर्गन डोनेशन डे का संदेश यही है कि अंगदान से जुड़ी सही जानकारी हासिल करें, अपनी इच्छा परिवार को बताएं और जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन की एक नई संभावना पैदा करें।

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