केरल की राजनीति में लंबे इंतजार और लगातार चले सियासी मंथन के बाद आखिरकार कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री के साथ उनकी पूरी कैबिनेट ने भी एक साथ शपथ ग्रहण किया, जिसे राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई बड़े राजनीतिक चेहरे मौजूद रहे। इसके अलावा वामपंथी नेताओं, बीजेपी नेताओं और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पूर्व मुख्यमंत्री पी विजयन और बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर की मौजूदगी ने समारोह को और खास बना दिया।
60 साल बाद दिखा ऐसा नजारा
वीडी सतीशन ने शपथ लेने के बाद कहा कि करीब 60 वर्षों बाद केरल में ऐसा मौका आया है जब मुख्यमंत्री के साथ पूरी कैबिनेट ने एक साथ शपथ ली है। इससे पहले 1962 में तत्कालीन मुख्यमंत्री आर शंकर के कार्यकाल में ऐसा हुआ था।
नई सरकार के गठन को कांग्रेस और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
कैबिनेट में कई नए चेहरे
नई कैबिनेट में कई नए विधायकों को मौका दिया गया है। पहली बार मंत्री बनने वाले नेताओं की संख्या काफी ज्यादा है। कांग्रेस ने युवा और नए चेहरों पर भरोसा दिखाते हुए राजनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश की है।
विधानसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पद भी कांग्रेस के पास ही रखे गए हैं। जल्द ही विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव और नई सरकार का पहला बजट सत्र भी शुरू होने वाला है।
मुख्यमंत्री पद को लेकर चला लंबा सस्पेंस
केरल चुनाव नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में कई दिनों तक मंथन चलता रहा। मुख्यमंत्री पद की रेस में वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला जैसे बड़े नाम शामिल थे।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व के भीतर अलग-अलग राय सामने आई थी। कुछ नेता वेणुगोपाल के समर्थन में थे, जबकि जमीनी कार्यकर्ताओं और सहयोगी दलों का बड़ा वर्ग वीडी सतीशन के पक्ष में खड़ा दिखाई दिया।
राज्यभर में पोस्टरबाजी और समर्थकों की प्रतिक्रियाओं ने भी इस राजनीतिक खींचतान को चर्चा का विषय बना दिया था।
राहुल-प्रियंका की मौजूदगी ने बढ़ाया महत्व
शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी को कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। पार्टी अब केरल में नई सरकार के जरिए संगठन और जनाधार दोनों को मजबूत करने की रणनीति पर काम करती नजर आ रही है।
आगे क्या?
नई सरकार के सामने अब विकास, रोजगार, महंगाई और प्रशासनिक सुधार जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी। वहीं विपक्ष भी नई सरकार के हर कदम पर नजर बनाए हुए है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वीडी सतीशन के नेतृत्व में कांग्रेस केरल में नई राजनीतिक दिशा देने की कोशिश करेगी।