अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद नौकरी का रास्ता महंगा हो सकता है। ट्रम्प प्रशासन के प्रस्ताव के मुताबिक, Optional Practical Training (OPT) के लिए करीब 1 लाख डॉलर की फीस लगाई जा सकती है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग ₹96 लाख बैठती है। इस प्रस्ताव ने व्हाइट हाउस की नियामकीय समीक्षा पूरी कर ली है, लेकिन अभी यह नियम लागू नहीं हुआ है।
OPT क्या है?
OPT एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसके तहत अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्र अपनी डिग्री पूरी करने के बाद संबंधित क्षेत्र में काम कर सकते हैं। आम तौर पर पात्र छात्रों को 12 महीने तक काम करने की अनुमति मिलती है।
STEM यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स से जुड़े छात्रों को अतिरिक्त 24 महीने का एक्सटेंशन मिल सकता है। यानी पात्र STEM छात्रों के लिए कुल अवधि 36 महीने तक हो सकती है।
अभी लागू नहीं हुई $1 लाख फीस
प्रस्ताव अभी प्रक्रिया के चरण में है। व्हाइट हाउस की समीक्षा पूरी होने के बाद इसे औपचारिक रूप से प्रकाशित किया जाना है। इसके बाद लोगों और संबंधित संस्थानों से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। इसलिए फिलहाल विदेशी छात्रों से OPT के लिए $1 लाख की नई फीस नहीं ली जा रही है।
भारतीय छात्रों पर भी पड़ सकता है असर
अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ाई करते हैं और कई छात्र डिग्री पूरी करने के बाद OPT के जरिए अमेरिका में काम शुरू करते हैं। यदि प्रस्तावित फीस लागू होती है, तो अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने की योजना बना रहे छात्रों के कुल खर्च में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।
प्रस्तावित रकम मौजूदा OPT शुल्क की तुलना में बहुत अधिक है। इसके अलावा छात्रों को अमेरिका में ट्यूशन फीस, रहने और अन्य खर्च भी उठाने पड़ते हैं।
प्रस्ताव पर अभी बाकी है आगे की प्रक्रिया
$1 लाख की फीस फिलहाल प्रस्ताव है, अंतिम नियम नहीं। आगे नियामकीय प्रक्रिया पूरी होने और सार्वजनिक सुझावों पर विचार के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि फीस किस रूप में लागू होगी, किन छात्रों पर लागू होगी और क्या कोई अपवाद रखा जाएगा।
OPT में बदलाव का प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब ट्रम्प प्रशासन ने विदेशी छात्रों और अन्य गैर-आप्रवासी कार्यक्रमों से जुड़े नियमों में कई बदलावों पर काम किया है।