अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर (करीब ₹8.3 लाख करोड़) की अतिरिक्त फंडिंग की मांग की है। व्हाइट हाउस का कहना है कि यह राशि ईरान युद्ध से जुड़े खर्चों, सैन्य तैयारियों और हथियारों के भंडार को फिर से भरने के लिए जरूरी है।
ईरान युद्ध के खर्च पर नया बजट
सरकार के अनुसार यह फंडिंग पहले से मंजूर रक्षा बजट से अलग होगी। रकम का इस्तेमाल सैन्य अभियानों, रक्षा उपकरणों, गोला-बारूद और गुप्त रक्षा कार्यक्रमों पर किया जाएगा।
संसद में बढ़ा विरोध
ट्रम्प सरकार की इस मांग का संसद में विरोध तेज हो गया है। अमेरिकी सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर प्रशासन से Iran के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग की है। इससे पहले निचला सदन भी ऐसा प्रस्ताव पारित कर चुका है।
तेल की कीमतों में राहत
ईरान संकट के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। अमेरिकी WTI क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड करीब 73.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
तेल कंपनियों पर ट्रम्प सख्त
ट्रम्प ने अमेरिकी न्याय विभाग को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए हैं। उनका आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटने के बावजूद कंपनियां ग्राहकों को इसका लाभ नहीं दे रही हैं।
ईरान-IAEA विवाद जारी
वहीं ईरान और International Atomic Energy Agency के बीच परमाणु ठिकानों की जांच को लेकर मतभेद बने हुए हैं। IAEA निरीक्षण की बात कर रहा है, जबकि ईरान का कहना है कि अंतिम समझौते और प्रतिबंधों पर निर्णय के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।