
मैगी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। देशभर में करोड़ों लोगों की पसंदीदा इंस्टेंट नूडल ब्रांड मैगी को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आई एक शिकायत ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है। एक उपभोक्ता ने दावा किया कि उसे मैगी के पैकेट में कीड़े मिले हैं। शिकायत वायरल होते ही भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) हरकत में आ गया और नेस्ले इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया।
FSSAI ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित बैच को बाजार से हटाने के निर्देश दिए हैं और कंपनी से तत्काल एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) जमा करने को कहा है। इस कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हुई, जिसमें मैगी के पैकेट में कथित तौर पर कीड़े होने का दावा किया गया। शिकायत सामने आने के बाद FSSAI ने मामले का संज्ञान लिया और नेस्ले इंडिया से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
खाद्य सुरक्षा नियामक ने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं तो जांच जरूरी है।
FSSAI ने नेस्ले से मांगे 3 अहम जवाब
कच्चा माल कहां से आया?
नियामक संस्था ने कंपनी से पूछा है कि जिस बैच को लेकर शिकायत मिली है, उसमें इस्तेमाल हुआ कच्चा माल किस सप्लायर से प्राप्त किया गया था और उसकी गुणवत्ता जांच कैसे की गई।
बाजार से स्टॉक हटाने के लिए क्या किया?
नेस्ले को यह भी बताना होगा कि संभावित प्रभावित बैच को बाजार और सप्लाई चैन से हटाने के लिए क्या कदम उठाए गए।
भविष्य में ऐसी घटना रोकने की क्या योजना?
FSSAI ने कंपनी से उसके क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम और भविष्य की सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी मांगी है।
KFC, फ्लिपकार्ट और ओपन सीक्रेट भी जांच के घेरे में
खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों के चलते FSSAI ने केवल नेस्ले ही नहीं बल्कि KFC, फ्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सीक्रेट को भी नोटिस जारी किया है।
KFC को साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतों पर जवाब देना होगा, जबकि फ्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सीक्रेट से खजूर के एक उत्पाद में कथित रूप से कीड़े मिलने की शिकायत पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
नेस्ले ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
नेस्ले इंडिया ने मैगी में कीड़े मिलने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि वायरल शिकायत एक अनवेरिफाइड सोशल मीडिया अकाउंट से की गई थी और शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं हो पाया।
कंपनी के मुताबिक संबंधित बैच और बाजार से लिए गए नमूनों की जांच की गई है। साथ ही FSSAI से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भी परीक्षण कराया गया, जिसमें किसी प्रकार के कीड़े या संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई।
नेस्ले ने दावा किया कि उसके सभी उत्पादन संयंत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है।
2015 का बड़ा विवाद फिर आया याद
मैगी के लिए यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि साल 2015 में कंपनी को बड़ा झटका लगा था। उस समय मैगी में तय सीमा से अधिक लेड (सीसा) पाए जाने और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे थे।
उस विवाद के बाद देशभर से मैगी को बाजार से हटाना पड़ा था। बिक्री में भारी गिरावट आई थी और ग्राहकों का भरोसा दोबारा जीतने में कंपनी को वर्षों लग गए थे।
अब नए विवाद ने एक बार फिर खाद्य सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है।
सोशल मीडिया की शिकायतें बन रहीं बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि अब सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली शिकायतें सीधे नियामक कार्रवाई का आधार बन रही हैं। एक वायरल पोस्ट कंपनियों के लिए कानूनी, आर्थिक और प्रतिष्ठा से जुड़ी बड़ी चुनौती खड़ी कर सकती है।
इसी वजह से खाद्य कंपनियों पर गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी को लेकर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
क्या कहता है FSSAI?
FSSAI का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी खाद्य उत्पाद को लेकर शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
निष्कर्ष
मैगी में कीड़े मिलने का मामला फिलहाल जांच के अधीन है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि FSSAI की त्वरित कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि खाद्य सुरक्षा के मामलों में अब किसी भी शिकायत को हल्के में नहीं लिया जाएगा। जांच के नतीजे आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल दावा कितना सही था और आगे क्या कार्रवाई होगी।
