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RBI का बड़ा फैसला! रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, लेकिन GDP और महंगाई ने बढ़ाई टेंशन – पूरी खबर जानें

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RBI का बड़ा फैसला! रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, लेकिन GDP और महंगाई ने बढ़ाई टेंशन – पूरी खबर जानें
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी बैठक के बाद बड़ा फैसला, रेपो रेट 5.25% पर स्थिर, लेकिन GDP और महंगाई अनुमान में बदलाव से आर्थिक चिंता बढ़ी।

RBI का बड़ा फैसला, बाजार में मचा हलचल!

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नए वित्त वर्ष की दूसरी मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग में बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है। इस फैसले के बाद होम लोन और पर्सनल लोन लेने वालों को फिलहाल कोई राहत या झटका नहीं मिला है, यानी EMI में कोई बदलाव नहीं होगा।


GDP ग्रोथ अनुमान में बड़ी कटौती!

लेकिन असली झटका यहां खत्म नहीं हुआ…
RBI ने वित्त वर्ष 2027 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान को 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि देश की आर्थिक रफ्तार पहले के अनुमान से थोड़ी धीमी रह सकती है।


महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता

RBI ने महंगाई के अनुमान को भी बढ़ा दिया है। अब रिटेल महंगाई 4.6% से बढ़कर 5.1% रहने का अनुमान है। इसका असर सीधे आम जनता की जेब पर पड़ सकता है।


क्यों बढ़ी चिंता? RBI गवर्नर ने बताया कारण

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि वैश्विक तनाव, खासकर वेस्ट एशिया में जारी संकट और सप्लाई चेन की दिक्कतों की वजह से आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी है। यही कारण है कि ग्रोथ अनुमान घटाया गया है।


मॉनसून और खेती पर भी खतरा!

कमजोर मानसून की आशंका ने भी RBI को चिंतित किया है। अगर बारिश कम होती है तो कृषि उत्पादन और ग्रामीण मांग पर असर पड़ सकता है, जिससे पूरी अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।


मौद्रिक नीति का रुख ‘न्यूट्रल’ क्यों रखा गया?

RBI ने फिलहाल अपनी नीति को ‘न्यूट्रल’ रखा है, यानी न तो सख्ती और न ही ढील। इसका मतलब है कि आने वाले डेटा के आधार पर ही आगे का फैसला लिया जाएगा।


EMI और लोन पर क्या असर पड़ेगा?

रेपो रेट न बदलने से बैंक की ब्याज दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। यानी होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI अभी स्थिर रहेगी।


हर 2 महीने में होती है RBI की मीटिंग

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में कुल 6 सदस्य होते हैं और हर दो महीने में बैठक होती है। इस वित्त वर्ष में कुल 6 बैठकें तय की गई हैं।

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