राजस्थान में मौसम का डबल अटैक, कहीं लू तो कहीं तूफान
राजस्थान में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। पश्चिमी जिलों में भीषण गर्मी और लू लोगों का जीना मुश्किल कर रही है, जबकि पूर्वी और उत्तर-पूर्वी इलाकों में आंधी-बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है।
कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए, कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
श्रीगंगानगर बना देश का सबसे गर्म शहर
भीषण गर्मी के बीच श्रीगंगानगर लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया। यहां अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
इसके अलावा चूरू, पिलानी, फलोदी, बीकानेर और जैसलमेर में भी पारा 43 से 45 डिग्री के बीच बना रहा। दिनभर चलने वाली गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया।
आंधी-बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
दूसरी ओर अलवर, भरतपुर, झुंझुनूं और हनुमानगढ़ समेत कई जिलों में धूलभरी आंधी और बारिश देखने को मिली। कई इलाकों में पेड़ गिरने और मकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन तेज हवाओं ने नई परेशानियां खड़ी कर दीं।
11 जून से फिर बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 11 जून से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 11 से 14 जून के बीच जयपुर, अजमेर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, मेघगर्जन और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
राहत भी, खतरा भी
विशेषज्ञों का मानना है कि नया पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश में बढ़ते तापमान पर ब्रेक लगा सकता है। हालांकि तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
फसलों, खुले में रखे अनाज और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जयपुर समेत कई शहरों में बढ़ी उमस
राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और बढ़ी हुई नमी के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा।
कोटा में 42.1 डिग्री, अलवर में 42 डिग्री और सीकर में 41 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।