राजस्थान में आगामी 309 शहरी निकाय चुनावों को लेकर प्रमुख पदों के आरक्षण की तस्वीर साफ हो गई है। जयपुर स्थित स्वायत्त शासन निदेशालय के सभागार में गुरुवार सुबह लॉटरी के जरिए आरक्षण तय किया गया। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। शासन सचिव रवि जैन की अध्यक्षता में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।
309 निकायों में तीन तरह के पद
राज्य के 309 शहरी निकायों में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। नगर निगमों में महापौर, नगर परिषदों में सभापति और नगरपालिकाओं में चेयरमैन का चुनाव होगा।
लॉटरी के बाद इन प्रमुख पदों पर अलग-अलग वर्गों के लिए आरक्षण तय किया गया है।
121 पद आरक्षित, 188 रहेंगे अनारक्षित
कुल 309 प्रमुख पदों में 121 पद आरक्षित किए गए हैं, जबकि 188 पद अनारक्षित रहेंगे।
आरक्षित पदों का वर्गवार विवरण इस तरह है:
- SC: 50 सीटें, इनमें 16 महिलाओं के लिए
- ST: 11 सीटें, इनमें 3 महिलाओं के लिए
- OBC: 60 सीटें, इनमें 21 महिलाओं के लिए
इस तरह आरक्षित 121 पदों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
सभी दलों के प्रतिनिधियों के सामने निकली लॉटरी
आरक्षण की लॉटरी की प्रक्रिया सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की गई। इसके साथ ही आगामी निकाय चुनावों में महापौर, सभापति और चेयरमैन पदों के लिए किस वर्ग को मौका मिलेगा, इसकी स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।
अब संबंधित निकायों में आरक्षित पदों के अनुसार चुनावी तैयारियां तेज होने की संभावना है। उम्मीदवार और राजनीतिक दल अपने-अपने क्षेत्रों में नए आरक्षण समीकरण के आधार पर रणनीति बनाने में जुटेंगे।