राजस्थान में प्री-मानसून की जोरदार बारिश, लेकिन मानसून की एंट्री में हो रही देरी
राजस्थान में इन दिनों प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। प्रदेश के कई जिलों में लगातार आंधी और बारिश का दौर देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, अच्छी बारिश के बावजूद दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी तक नहीं हो पाई है।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और जोधपुर संभाग के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मेघगर्जन, तेज हवाएं और बारिश जारी रहने की संभावना है।
70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी 2 से 3 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां भी जारी रहेंगी।
बुधवार शाम श्रीगंगानगर, उदयपुर, करौली, प्रतापगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। राजधानी जयपुर में भी दिनभर बादल छाए रहे और शाम के समय मौसम सुहावना हो गया।
पूरे प्रदेश में तापमान 40 डिग्री से नीचे
लगातार हो रही बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। राज्य के लगभग सभी जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों में दौसा सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इन जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं जैसलमेर, जोधपुर, नागौर, सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, दौसा, अलवर, अजमेर, टोंक, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में येलो अलर्ट लागू किया गया है।
आखिर कहां अटका है मानसून?
मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान में मानसून की एंट्री पहले 25 जून तक होने की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब इसके कुछ दिन और देरी से पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं।
अरब सागर शाखा का मानसून फिलहाल महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ हिस्सों से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ की सीमा के आसपास पहुंचा है। वहीं बंगाल की खाड़ी शाखा बिहार, झारखंड और ओडिशा के क्षेत्रों से गुजर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों शाखाओं को राजस्थान तक पहुंचने में अभी 4 से 5 दिन और लग सकते हैं।
देर से आएगा, लेकिन अच्छी बारिश की उम्मीद
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की एंट्री में देरी चिंता की बात नहीं है। पिछले दो वर्षों में भी राजस्थान में मानसून सामान्य तिथि से देर से पहुंचा था, लेकिन पूरे सीजन में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। इस बार भी सामान्य से बेहतर वर्षा की उम्मीद बनी हुई है।