जयपुर। राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि मौजूदा परिस्थितियों में 31 जुलाई तक चुनाव कराना संभव नहीं दिख रहा है। राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से तय समय-सीमा खत्म होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, लेकिन आयोग के अनुसार चुनाव कराने के लिए आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कम से कम 90 दिन का समय जरूरी होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को भेजे रोडमैप में बताया है कि पहले आरक्षण प्रक्रिया पूरी करनी होगी, इसके बाद ही चुनाव कार्यक्रम जारी किया जा सकता है। आयोग का कहना है कि पंचायत और निकाय चुनाव की तैयारियों में इस बार पहले से ज्यादा समय लगेगा।
आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने में लगेगा समय
पंचायती राज विभाग की ओर से निर्वाचन आयोग को जानकारी दी गई है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) अपनी आरक्षण संबंधी रिपोर्ट 14 अगस्त तक सौंप सकता है। इसके बाद सरकार 31 अगस्त तक पंचायत और नगरीय निकायों में आरक्षण प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है।
आरक्षण तय होने के बाद ही चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा।
पंचायत चुनाव 4 चरणों में, निकाय चुनाव 2 चरणों में होंगे
राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को बताया है कि चुनाव कराने के लिए अलग-अलग चरणों की जरूरत होगी।
- नगरीय निकाय चुनाव: 2 चरणों में कराए जाएंगे।
- पंचायत चुनाव: 4 चरणों में आयोजित होंगे।
आयोग के मुताबिक पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया में करीब 50 दिन और नगरीय निकाय चुनाव में करीब 40 दिन का समय लगेगा।
नई पंचायतों और वार्डों की संख्या बढ़ने से बढ़ी चुनौती
निर्वाचन आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि इस बार नई पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतों और वार्डों की संख्या बढ़ गई है। इसके चलते चुनावी तैयारियां पहले के मुकाबले ज्यादा जटिल हो गई हैं।
आयोग का कहना है कि मतदाता सूची, मतदान केंद्र, सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी कर्मचारियों की तैनाती जैसी व्यवस्थाओं में अतिरिक्त समय लगेगा।
हाईकोर्ट में समय सीमा बढ़ाने की तैयारी
गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने पहले 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन उस समय भी चुनाव नहीं हो पाए थे। अब 31 जुलाई की नई समय सीमा पर भी संकट दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस विधायक संयम लोढ़ा की ओर से दायर अवमानना याचिका के बाद सरकार और निर्वाचन आयोग सक्रिय हो गए हैं। मंगलवार को स्वायत्त शासन विभाग और विधि विभाग के अधिकारियों ने बैठक कर हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष रखने की रणनीति पर चर्चा की।
अब आगे क्या होगा?
अगर हाईकोर्ट 31 जुलाई की समय सीमा में बदलाव करता है, तो आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है। फिलहाल राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है।
राजस्थान के लाखों उम्मीदवारों और मतदाताओं की नजर अब हाईकोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हुई है।