पुलिस ने दोहराया पूरा क्राइम सीन
पुणे के चर्चित केतन मर्डर केस में रविवार को पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए घटना का रीक्रिएशन किया। पुलिस टीम आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को लेकर लोहगढ़ किला पहुंची, जहां 18 जून को केतन की संदिग्ध मौत हुई थी।
करीब 2.5 घंटे तक चले इस रिक्रिएशन में पुलिस ने केतन के वजन के बराबर एक डमी का इस्तेमाल किया और पूरे घटनाक्रम को फिर से समझने की कोशिश की।
“डेथ पॉइंट” और गूगल सर्च से खुला शक का दायरा
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने पहले ही:
- लोहगढ़ किले के “डेथ पॉइंट” गूगल पर सर्च किए
- रास्तों और खाई की जानकारी जुटाई
- पुलिस से बचने के तरीके खोजे
- डिलीट मैसेज और डिजिटल सबूत हटाने की कोशिश की
सूत्रों के मुताबिक, यह सब पहले से प्लानिंग की तरफ इशारा करता है।
मोबाइल और डिजिटल सबूतों से बढ़ी मुश्किलें
जांच में यह भी सामने आया है कि:
- चेतन ने घटना के दिन अपना मोबाइल अलग रख दिया
- दूसरा फोन इस्तेमाल किया गया
- व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड डिलीट किए गए
- फॉरेंसिक टीम डिलीट डेटा रिकवर करने में जुटी है
पुलिस को शक है कि डिजिटल सबूत इस केस की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकते हैं।
रिश्तों की उलझन: प्यार, सगाई और साजिश का आरोप
जांच के अनुसार, सिया और केतन की सगाई के बाद रिश्ते में तनाव बढ़ता गया।
पुलिस का दावा है कि:
- सगाई के बाद लगातार ट्रैकिंग और मुलाकातें हुईं
- लोहगढ़ किले पर पहले भी घटनाएं हो चुकी थीं
- 14 जून को भी धक्का देने की कोशिश का आरोप
- 18 जून को अंतिम घटना में हत्या की साजिश का दावा
पुलिस का दावा: तीसरी कोशिश में दिया गया धक्का
पुलिस जांच के अनुसार, 18 जून को जब केतन किले पर मौजूद था:
- पीछे से कथित रूप से धक्का दिया गया
- चेतन की मौजूदगी की भी जांच की जा रही है
- केतन खाई में गिरा और गंभीर चोटों से उसकी मौत हो गई
परिवार का दर्द: “बेटा छिन गया”
केतन के परिवार ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है।
- पिता का कहना: “मेरा बेटा निर्दोष था”
- मां ने कहा: “अगर बेटी दोषी है तो सजा मिले”
- बहन ने घटनास्थल पर व्यवहार पर सवाल उठाए
परिवार ने CCTV और घटनास्थल की कड़ियां जोड़कर पुलिस को सूचना दी थी।
अब तक की जांच में बड़े खुलासे
- 2000+ कॉल रिकॉर्ड की जांच
- फोरेंसिक लैब में मोबाइल डेटा
- बाइक, कपड़े और अन्य सामान जब्त
- कॉल और चैट पैटर्न की जांच जारी
केस की टाइमलाइन (संक्षेप में)
- फरवरी: सगाई के बाद रिश्ते शुरू
- जून की शुरुआत: किले पर जाने का दबाव
- 14 जून: पहली कथित कोशिश
- 18 जून: अंतिम घटना और केतन की मौत
- अब: पुलिस रिक्रिएशन और फॉरेंसिक जांच