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मानसून में बढ़ता निमोनिया का खतरा, जानिए शुरुआती लक्षण और बचाव के तरीके

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मानसून में बढ़ता निमोनिया का खतरा, जानिए शुरुआती लक्षण और बचाव के तरीके
बारिश के मौसम में नमी, सीलन और बदलते तापमान के कारण निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जानिए निमोनिया के शुरुआती लक्षण और बचाव के जरूरी उपाय।

बारिश का मौसम अपने साथ ठंडक और राहत तो लाता है, लेकिन इसी मौसम में कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। खासतौर पर सर्दी-जुकाम, खांसी और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां लोगों को तेजी से अपनी चपेट में लेती हैं। इनमें निमोनिया सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है। बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इसका खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

साल 2022 में भारत में हुई मल्टीसेंटर ‘SWORD’ स्टडी के अनुसार, मानसून के दौरान रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के मामले बढ़कर करीब 13 प्रतिशत तक पहुंच जाते हैं, जबकि गर्मियों में यह आंकड़ा केवल 4 प्रतिशत रहता है। वहीं, ‘इंडियन जर्नल ऑफ चेस्ट डिजीज एंड अलाइड साइंस’ में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, बारिश में लंबे समय तक भीगे रहने से निमोनिया होने का जोखिम बढ़ सकता है।

क्या है निमोनिया?

निमोनिया फेफड़ों का एक गंभीर संक्रमण है, जिसमें फेफड़ों में सूजन आ जाती है और उनमें पानी या पस भर सकता है। इसके कारण शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और सांस लेने में परेशानी होने लगती है। यह बीमारी बैक्टीरिया, वायरस या फंगस के संक्रमण से हो सकती है।

मानसून में क्यों बढ़ जाता है खतरा?

बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। इसके अलावा घरों में सीलन, गंदगी और फंगस भी संक्रमण का खतरा बढ़ा देते हैं। लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहना और कमजोर इम्यूनिटी भी इसकी बड़ी वजह बन सकती है।

निमोनिया के शुरुआती लक्षण

  • लगातार खांसी और बलगम आना।
  • तेज बुखार और ठंड लगना।
  • सांस लेने में दिक्कत होना।
  • सीने में दर्द या जकड़न महसूस होना।
  • अत्यधिक थकान और कमजोरी।
  • भूख कम लगना।
  • बच्चों और बुजुर्गों में भ्रम या बेचैनी होना।

इन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा

  • छोटे बच्चे।
  • 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग।
  • अस्थमा और फेफड़ों के मरीज।
  • डायबिटीज और हृदय रोग से पीड़ित लोग।
  • कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्ति।

बचाव के लिए अपनाएं ये 11 सावधानियां

  1. बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें।
  2. घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।
  3. सीलन और फंगस को हटाएं।
  4. हाथों को नियमित रूप से धोएं।
  5. पौष्टिक भोजन और पर्याप्त पानी लें।
  6. भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें।
  7. खांसी-जुकाम होने पर मास्क पहनें।
  8. पर्याप्त नींद लें।
  9. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
  10. डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें।
  11. लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराएं।

डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते निमोनिया की पहचान और सही इलाज से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। मानसून के दौरान थोड़ी-सी सावधानी आपकी और आपके परिवार की सेहत को सुरक्षित रख सकती है।

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