प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को विज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत करीब 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे। इस योजना का उद्देश्य देश में रोजगार को बढ़ावा देना और युवाओं को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, इस योजना के लागू होने के बाद देशभर में अब तक लगभग 15 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए जा चुके हैं।
क्या है PM-VBRY योजना?
यह योजना कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है ताकि वे औपचारिक रोजगार प्रणाली का हिस्सा बनें।
- पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को ₹15,000 तक का इंसेंटिव
- नियोक्ताओं को हर अतिरिक्त कर्मचारी पर ₹3,000 प्रति माह तक का प्रोत्साहन
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में यह लाभ 4 साल तक
- अन्य सेक्टर्स में 2 साल तक लाभ दिया जाएगा
सरकार का बड़ा लक्ष्य
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना पर कुल ₹99,446 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। इसका लक्ष्य अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां पैदा करना है।
इसमें से लगभग 1.92 करोड़ लोग ऐसे होंगे जो पहली बार वर्कफोर्स में शामिल होंगे, जिससे देश में रोजगार संरचना मजबूत होने की उम्मीद है।
🇮🇳 सरकार का विजन क्या है?
सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है, जिससे आर्थिक विकास का लाभ सीधे युवाओं तक पहुंचे। इससे:
- फॉर्मल रोजगार में बढ़ोतरी होगी
- सोशल सिक्योरिटी कवरेज मजबूत होगा
- युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर मिलेंगे
- “विकसित भारत” के विजन को गति मिलेगी
निष्कर्ष
PM-VBRY योजना को सरकार देश में रोजगार क्रांति के रूप में देख रही है। बड़े बजट और व्यापक लक्ष्य के साथ यह स्कीम आने वाले वर्षों में भारत की रोजगार संरचना को बदलने की क्षमता रखती है।