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पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी का नेटवर्क भारत में कैसे फैला? एजेंसियों की कार्रवाई से सामने आई पूरी तस्वीर

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पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी का नेटवर्क भारत में कैसे फैला? एजेंसियों की कार्रवाई से सामने आई पूरी तस्वीर
Indian security agencies are investigating an alleged Pakistan-based network linked to gangster-turned-terrorist Shehzad Bhatti. The probe has highlighted claims of social media recruitment, local reconnaissance and coordinated operations involving youth in India.

पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी का नाम भारत में सामने आए कई मामलों की जांच में सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, भट्टी का नेटवर्क सीधे भारत में मौजूद युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करता था। सोशल मीडिया के जरिए संपर्क, स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाना और फिर छोटे-छोटे काम सौंपना इस नेटवर्क के काम करने का हिस्सा बताया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने 17 अगस्त को दावा किया था कि भारत में शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क को बड़ी कार्रवाई के जरिए ध्वस्त किया गया है। अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। हालांकि, पाकिस्तान में मौजूद कथित मुख्य हैंडलर्स तक पहुंचना अभी भी जांच एजेंसियों के लिए चुनौती है।

जालंधर हमले के बाद सामने आया नाम

मामला मार्च 2025 में चर्चा में आया था। पंजाब के जालंधर में सोशल मीडिया से जुड़े नवदीप सिंह संधू के घर पर ग्रेनेड हमला हुआ था। जांच के दौरान स्थानीय स्तर पर एक युवक को पकड़ा गया और इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी ने लेने का दावा किया था।

इसके बाद जांच एजेंसियों ने भट्टी से जुड़े संभावित नेटवर्क की गतिविधियों को खंगालना शुरू किया।

सोशल मीडिया बना संपर्क का जरिया

जांच में यह दावा सामने आया कि नेटवर्क से जुड़े लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे युवाओं की तलाश करते थे, जिन्हें पैसों की जरूरत हो या जो आसानी से प्रभावित हो सकते हों।

पहले सामान्य बातचीत के जरिए संपर्क बनाया जाता था। इसके बाद मैसेजिंग ऐप्स पर बातचीत आगे बढ़ती और धीरे-धीरे युवाओं को छोटे काम दिए जाने की बात सामने आई।

एजेंसियों के मुताबिक, कुछ युवाओं को टारगेट की जानकारी जुटाने या आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने जैसे कामों में लगाया गया।

छोटे कामों से शुरू होती थी जिम्मेदारी

जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, नेटवर्क में शामिल युवाओं को शुरुआत में मामूली काम दिए जाते थे। इसके बाद भरोसा बनने पर उनसे ज्यादा संवेदनशील जिम्मेदारियां कराने की कोशिश की जाती थी।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि अलग-अलग राज्यों में सक्रिय संदिग्धों के बीच संपर्क किस माध्यम से हुआ और सीमा पार बैठे लोगों से उनका सीधा संबंध किस स्तर तक था।

जालंधर के अलावा दूसरे मामलों की भी जांच

भट्टी से जुड़े नेटवर्क की जांच के दौरान पंजाब और हरियाणा के कुछ अन्य मामलों का भी कनेक्शन तलाशा गया। इनमें सिरसा में महिला थाने के पास हुआ हमला और अंबाला से जुड़ी एक घटना भी शामिल बताई गई।

एजेंसियों का कहना है कि अलग-अलग मामलों में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क, स्थानीय युवाओं का इस्तेमाल और पहले से टारगेट की जानकारी जुटाने जैसे पैटर्न की जांच की गई।

कई राज्यों में हुई कार्रवाई

अगस्त में सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस ने कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई की। बड़ी संख्या में संदिग्धों से पूछताछ की गई और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।

जांच का फोकस इस बात पर है कि भारत में नेटवर्क का स्थानीय ढांचा कितना बड़ा था और इसके पीछे पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स की भूमिका क्या थी।

अब भी बड़ी चुनौती सीमा पार बैठे हैंडलर्स

भारत में नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सामने अगली चुनौती सीमा पार मौजूद कथित संचालकों तक पहुंचने की है।

जांच एजेंसियां गिरफ्तार लोगों से पूछताछ, डिजिटल डिवाइस और लेन-देन से जुड़े सुरागों के जरिए नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हैं।

फिलहाल एजेंसियों का दावा है कि भारत में इस नेटवर्क की गतिविधियों पर बड़ा प्रहार किया गया है, लेकिन सीमा पार बैठे लोगों और उनके संपर्कों की जांच अभी जारी है।

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