
टोंक: देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान एसडीएम थप्पड़ कांड मामले में आरोपी रहे निर्दलीय नेता नरेश मीणा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत रद्द होने के बाद अब टोंक की एससी/एसटी कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस को नरेश मीणा को 6 अगस्त तक गिरफ्तार कर पेश करने का समय दिया है।
हाईकोर्ट से रद्द हुई थी जमानत
नरेश मीणा को देवली-उनियारा उपचुनाव मामले में करीब 9 महीने बाद हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। लेकिन बाद में झालावाड़ में हुए एक प्रदर्शन के दौरान उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इसे जमानत की शर्तों का उल्लंघन बताया।
इसके बाद नगरफोर्ट थाना पुलिस ने एससी/एसटी कोर्ट में जमानत रद्द करने की याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने 13 जुलाई को उनकी जमानत रद्द कर दी और गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
पुलिस ने मांगा चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड
कोर्ट के आदेश के बाद अब नगरफोर्ट थाना पुलिस ने नरेश मीणा की संपत्ति का रिकॉर्ड जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस ने उनकी ग्राम पंचायत नयागांव उर्फ नानवता, तहसील मोठपुर (बारां) के सरपंच (प्रशासक) को पत्र भेजकर चल-अचल संपत्ति की जानकारी मांगी है।
पुलिस इस रिकॉर्ड को कोर्ट में पेश करेगी।
6 अगस्त तक गिरफ्तारी का समय
नगरफोर्ट थाना प्रभारी राजेंद्र ताड़ा के अनुसार, हाईकोर्ट की जमानत रद्द होने के दिन ही गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया था। अब एससी/एसटी कोर्ट ने पुलिस को नरेश मीणा की गिरफ्तारी के लिए 6 अगस्त तक का समय दिया है।
समर्थकों ने लगाए आरोप
नरेश मीणा के सहयोगी राकेश बैंसला ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है। उन्होंने कहा कि पंचायत राज चुनाव से पहले उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कोर्ट के आदेश के अनुसार की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 13 नवंबर 2024 का है। देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान समरावता गांव के ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था। इसी दौरान आरोप है कि निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी के साथ मारपीट करते हुए उन्हें थप्पड़ मारा था।
इसके बाद पुलिस ने 14 नवंबर को उन्हें गिरफ्तार किया था और कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया था। इस मामले में 60 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।
अब जमानत रद्द होने के बाद नरेश मीणा की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
