बसपा प्रमुख मायावती ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने एक पुराने गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने ‘चवन्नी को रुपया बना दिया’, फिर भी सहयोगी उन्हें छोड़कर चले गए। मायावती ने इस टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए अखिलेश यादव से राष्ट्रीय लोक दल (RLD) प्रमुख जयंत चौधरी और जाट समाज से माफी मांगने की मांग की है।
मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है और इससे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार का भी अपमान हुआ है। मायावती ने अखिलेश के बयान को उनके अहंकारी रवैये का उदाहरण बताया।
जयंत चौधरी पर दिए बयान से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, 17 अगस्त को लखनऊ में अखिलेश यादव ने एक पुराने गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा था कि कुछ ऐसे गठबंधन भी किए गए, जिनके सहयोगियों को उनकी पार्टी ने राजनीतिक तौर पर मजबूत किया, लेकिन बाद में वे साथ छोड़कर चले गए। इसी दौरान उन्होंने ‘चवन्नी का रुपया बना दिया’ वाली टिप्पणी की थी।
हालांकि अखिलेश ने अपने बयान में जयंत चौधरी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया था, लेकिन इसे राजनीतिक तौर पर जयंत और RLD से जोड़कर देखा गया।
इसके दो दिन बाद जयंत चौधरी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश उन्हें बार-बार क्यों याद कर रहे हैं, यह सवाल उन्हीं से पूछा जाना चाहिए। जयंत ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन इस तरह के बयान उन लोगों को भी सोचने पर मजबूर करते हैं जो वर्तमान में उनके साथ हैं।
मायावती ने पुराने सपा-बसपा गठबंधन का भी जिक्र किया
मायावती ने अपने बयान में सपा और बसपा के पुराने राजनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों पार्टियों के बीच 1993 में गठबंधन हुआ था, लेकिन यह ज्यादा समय तक नहीं चल सका।
उन्होंने 2 जून 1995 के लखनऊ गेस्ट हाउस कांड का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उस समय उनके खिलाफ गंभीर साजिश रची गई थी। मायावती ने कहा कि बाद में अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया था कि वह अपने पिता मुलायम सिंह यादव की पुरानी गलतियों को नहीं दोहराएंगे।
इसी भरोसे के आधार पर 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था। हालांकि चुनाव परिणाम दोनों दलों की उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे और बाद में यह गठबंधन भी टूट गया।
ब्राह्मणों को लेकर भी सपा पर आरोप
मायावती ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी पर ब्राह्मण समाज के साथ भेदभाव और उत्पीड़न का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि सपा के राजनीतिक रवैये के कारण पहले भी गठबंधन टूटते रहे हैं।
मायावती के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा, बसपा और RLD के बीच जुबानी जंग और तेज होने के संकेत हैं। फिलहाल विवाद की शुरुआत अखिलेश यादव की टिप्पणी से हुई, जिस पर जयंत चौधरी और अब मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।