मालदा: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रतुआ इलाके में गंगा नदी के तेज कटाव से ऐतिहासिक शिव मंदिर नदी में समा गया। मंदिर को स्थानीय स्तर पर सैकड़ों साल पुराना बताया जा रहा है। मंदिर के नदी में समाने का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद इलाके में चिंता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि फरक्का से करीब 12 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ नदी का कटाव भी तेज हो गया है।
मंदिर के नदी में समाने से बढ़ी चिंता
रतुआ क्षेत्र में गंगा के कटाव की वजह से नदी किनारे के इलाकों पर खतरा बढ़ गया है। इसी कटाव की चपेट में आने से ऐतिहासिक शिव मंदिर का एक हिस्सा कमजोर हुआ और आखिरकार पूरा मंदिर नदी में समा गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक मंदिर लंबे समय से इस इलाके की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का हिस्सा था। मंदिर के नदी में समाने से लोगों में काफी मायूसी है।
मालदा और मुर्शिदाबाद में बाढ़ का खतरा
गंगा की प्रमुख सहायक नदियों के भी उफान पर होने के कारण मालदा और मुर्शिदाबाद समेत निचले इलाकों में बाढ़ और गंभीर कटाव का खतरा बढ़ गया है।
जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन की ओर से नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
बढ़ते जलस्तर से कई इलाकों पर संकट
फरक्का से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गंगा और आसपास की नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। नदी का तेज बहाव और कटाव निचले इलाकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
फिलहाल स्थानीय स्तर पर राहत और सुरक्षा तैयारियों को लेकर प्रशासन सक्रिय है। आने वाले दिनों में जलस्तर और कटाव की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।