जयपुर। राजस्थान के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाला मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। इस फैसले के बाद करीब पांच महीने से जेल में बंद महेश जोशी के बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपंकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने मामले की सुनवाई की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 12 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को अदालत ने जमानत देने का फैसला सुनाया।
7 मई को ACB ने किया था गिरफ्तार
जल जीवन मिशन घोटाले की जांच के दौरान राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने महेश जोशी को 7 मई 2026 को उनके आवास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह जेल में बंद थे।
इस मामले में महेश जोशी को पहले राजस्थान हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली थी। अगस्त 2026 में हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता और सरकारी खजाने को हुए कथित करोड़ों रुपये के नुकसान का हवाला देते हुए जोशी समेत आठ आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ महेश जोशी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। शीर्ष अदालत में सुनवाई के बाद अब उन्हें जमानत मिल गई है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पूर्व मंत्री को बड़ी कानूनी राहत मिली है। हालांकि, जमानत मिलने का मतलब मामले में आरोपों से बरी होना नहीं है। प्रकरण में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

