राजस्थान के जैसलमेर जिले में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया। धऊवा गांव के पास बच्चों को स्कूल लेकर जा रही एसएम पब्लिक स्कूल की चलती बस में अचानक भीषण आग लग गई। बस में करीब दो दर्जन बच्चे सवार थे। इंजन से धुआं निकलते ही ड्राइवर ने तुरंत बस रोक दी और सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इंजन से निकला धुआं, कुछ ही देर में भड़की आग
जानकारी के अनुसार, बस पिथला गांव से बच्चों को लेकर डाबला रोड स्थित एसएम पब्लिक स्कूल जा रही थी। जैसलमेर शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर धऊवा गांव के पास पहुंचते ही बस के इंजन से अचानक धुआं उठने लगा।
ड्राइवर ने बिना देरी किए बस रोक दी और बच्चों को नीचे उतारकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बच्चों के बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद आग तेजी से फैल गई और पूरी बस आग की लपटों में घिर गई।
किताबें और बच्चों का सामान जलकर खाक
आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते बस का अधिकांश हिस्सा जल गया। बस में रखे बच्चों के बैग, किताबें और अन्य सामान भी आग की चपेट में आ गए।
घटना के बाद मौके पर आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। कुछ देर तक घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
3 दमकल गाड़ियों ने बुझाई आग
बस में आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। नगर परिषद की तीन दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
हालांकि आग बुझने तक बस का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जानकारी में बस की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह बताया जा रहा है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
ड्राइवर की सूझबूझ से बची बच्चों की जान
इस हादसे में सबसे राहत की बात यह रही कि ड्राइवर ने इंजन से धुआं निकलते ही समय रहते बस रोक दी। सभी बच्चों को आग भड़कने से पहले सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
हादसे में किसी बच्चे या स्कूल स्टाफ के घायल होने की सूचना नहीं है। बच्चों के सुरक्षित बचने की खबर के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।