राजस्थान की राजधानी जयपुर में मांगों को लेकर प्रदर्शन का नया तरीका सामने आया है। जयपुरिया अस्पताल के पास तीन संविदा नर्सेज नेता पानी की टंकी पर चढ़ गए। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में मेरिट और बोनस अंकों की मांग को लेकर यह कदम उठाया है।
टंकी पर चढ़ने वालों में बिमल शर्मा, रॉबिन शर्मा और आशा मीणा शामिल हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी मांगें बताईं और कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लेती, वे नीचे नहीं उतरेंगे।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रशासन का प्रयास है कि मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
क्या हैं संविदा नर्सेज की मांगें?
संविदा नर्सेज आगामी भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
- भर्ती प्रक्रिया लिखित परीक्षा की जगह मेरिट के आधार पर हो।
- संविदा कर्मियों को अनुभव के आधार पर 10, 20 और 30 बोनस अंक दिए जाएं।
- लंबे समय से सरकारी अस्पतालों में सेवा दे रहे नर्सेज को प्राथमिकता मिले।
नर्सेज का कहना है कि कोरोना काल में उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं दी थीं, इसलिए उनके अनुभव को भर्ती में महत्व दिया जाना चाहिए।
जयपुर में टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन का सिलसिला जारी
जयपुर में पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले छात्र नेताओं ने भी अपनी मांगों को लेकर इसी तरह का प्रदर्शन किया था।
छात्र आंदोलन के बाद अब संविदा नर्सेज ने भी अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए यही तरीका अपनाया है।
प्रशासन के सामने बढ़ी चुनौती
लगातार हो रहे ऐसे प्रदर्शनों ने जयपुर पुलिस और प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। फिलहाल मौके पर स्थिति नियंत्रण में है और अधिकारियों की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत जारी है।