सोने और चांदी की कीमतों में इस हफ्ते गिरावट देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी का भाव ₹2,738 कम होकर ₹2.44 लाख पर आ गया। पिछले हफ्ते 21 अगस्त को चांदी ₹2.47 लाख प्रति किलो थी।
वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,042 घटकर ₹1,59,578 हो गई। इससे पहले 21 अगस्त को सोने का भाव ₹1,60,620 प्रति 10 ग्राम था।
ऑल टाइम हाई से काफी नीचे आया सोना-चांदी
इस साल सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना करीब ₹1.33 लाख पर था। इसके बाद 29 जनवरी 2026 को इसकी कीमत बढ़कर ₹1.76 लाख के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई।
अब मौजूदा भाव से तुलना करें तो सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब ₹16,543 नीचे है।
चांदी ने भी इस साल बड़ी तेजी दिखाई थी। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी की कीमत करीब ₹2.30 लाख थी। 29 जनवरी को यह बढ़कर ₹3.86 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी।
अब चांदी का भाव ₹2.44 लाख पर आने से यह अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब ₹1.42 लाख नीचे है।
अलग-अलग शहरों में सोने का भाव अलग क्यों होता है?
देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमत एक जैसी नहीं होती। इसके पीछे कई वजहें होती हैं।
1. ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा खर्च:
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में परिवहन और सुरक्षा का खर्च जुड़ता है। दूरी और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने पर इसका असर कीमत पर भी पड़ सकता है।
2. स्थानीय मांग:
किसी शहर में सोने की मांग ज्यादा होने पर स्थानीय बाजार में कीमतों में अंतर आ सकता है। दक्षिण भारत में सोने की खपत काफी ज्यादा है।
3. स्थानीय ज्वेलर्स एसोसिएशन:
अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय बाजार की मांग और सप्लाई के हिसाब से ज्वेलर्स के रेट में अंतर देखने को मिल सकता है।
4. ज्वेलर्स का पुराना स्टॉक:
दुकानदार ने सोना किस कीमत पर खरीदा था, इसका असर भी ग्राहकों को मिलने वाले रेट पर पड़ सकता है।
ETF के जरिए भी सोने-चांदी में निवेश का विकल्प
अगर कोई व्यक्ति फिजिकल सोना या चांदी खरीदे बिना इनमें निवेश करना चाहता है, तो Gold ETF और Silver ETF एक विकल्प हो सकते हैं।
ETF की खरीद-बिक्री शेयरों की तरह स्टॉक एक्सचेंज पर की जा सकती है। इसमें आपको घर पर सोना या चांदी रखने की जरूरत नहीं होती। निवेश का मूल्य बाजार में संबंधित धातु की कीमत के साथ ऊपर-नीचे होता रहता है।
इनमें निवेश करने के लिए आमतौर पर डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होती है। ETF की यूनिट खरीदने पर रकम आपके लिंक्ड बैंक अकाउंट से कटती है और यूनिट आपके डीमैट अकाउंट में आती हैं।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
BIS हॉलमार्क जरूर देखें:
सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करें और BIS हॉलमार्क वाला गोल्ड खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की जानकारी मिलती है।
रेट और वजन की जांच करें:
ज्वेलरी खरीदने से पहले सोने का वजन, प्रति ग्राम रेट, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क अलग-अलग जांच लें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग होती है।
सिर्फ दुकान के बताए रेट पर निर्भर रहने के बजाय खरीदारी वाले दिन का बाजार भाव भी क्रॉस-चेक करना बेहतर है।
असली चांदी की पहचान कैसे करें?
चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना भी जरूरी है। कुछ सामान्य घरेलू टेस्ट से शुरुआती अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन सिर्फ इन टेस्ट के आधार पर चांदी को पूरी तरह असली मानना सही नहीं है।
- मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी आमतौर पर चुंबक से आकर्षित नहीं होती।
- आइस टेस्ट: चांदी गर्मी को तेजी से ट्रांसफर करती है, इसलिए बर्फ उस पर तेजी से पिघल सकती है।
- स्मेल टेस्ट: शुद्ध चांदी में आमतौर पर तेज धातु जैसी गंध नहीं होती।
- कपड़ा टेस्ट: कुछ चांदी की वस्तुओं को रगड़ने पर काला निशान आ सकता है, लेकिन यह अकेला भरोसेमंद प्रमाण नहीं है।
सबसे सुरक्षित तरीका है कि खरीदते समय शुद्धता, हॉलमार्क/हॉलमार्किंग और बिल की जानकारी जरूर जांचें।
निवेश से पहले एक बात याद रखें
सोने और चांदी की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए केवल हाल की गिरावट देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेश करने से पहले अपने लक्ष्य, जोखिम और समयावधि को ध्यान में रखना जरूरी है।