
नई दिल्ली। M3M हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 में गौतम अडाणी और उनका परिवार भारत के सबसे अमीर परिवार के रूप में सामने आया है। अडाणी परिवार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके परिवार को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।
अडाणी की संपत्ति 13% बढ़ी
रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम अडाणी और परिवार की संपत्ति 13 प्रतिशत बढ़कर करीब ₹9.23 लाख करोड़ हो गई। वहीं, मुकेश अंबानी और परिवार की संपत्ति 10 प्रतिशत घटकर ₹8.63 लाख करोड़ रह गई। दोनों परिवारों की संपत्ति में करीब ₹59,400 करोड़ का अंतर है।
हुरुन की यह रैंकिंग 24 अगस्त 2026 की संपत्ति के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है।
1,810 लोगों को मिली सूची में जगह
M3M हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 में कम से कम ₹1,000 करोड़ की संपत्ति रखने वाले 1,810 लोगों को शामिल किया गया है। इन सभी की कुल संपत्ति करीब ₹187.5 लाख करोड़ है, जो पिछले साल की तुलना में 12.8 प्रतिशत अधिक है।
भारत में डॉलर अरबपतियों की संख्या भी बढ़कर रिकॉर्ड 391 हो गई है। पिछले एक साल में 27 नए डॉलर अरबपति जुड़े हैं।
लक्ष्मी निवास मित्तल तीसरे नंबर पर
रिच लिस्ट में लक्ष्मी निवास मित्तल और उनका परिवार ₹3.39 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। उनकी संपत्ति में करीब 93 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
साइरस पूनावाला और परिवार ₹3.03 लाख करोड़ के साथ चौथे स्थान पर हैं। वहीं HCL की रोशनी नादर मल्होत्रा और परिवार ₹2.79 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ पांचवें स्थान पर हैं और भारत की सबसे अमीर महिला बनी हुई हैं।
महिलाओं की संख्या भी बढ़ी
इस साल की सूची में 131 महिलाएं शामिल हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 100 थी। रोशनी नादर मल्होत्रा सबसे अमीर महिला के रूप में सूची में शामिल हैं।
AI भी बना नई संपत्ति का बड़ा क्षेत्र
2026 की सूची में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पहली बार अलग सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है। AI क्षेत्र से जुड़े 19 लोगों की कुल संपत्ति करीब ₹3.07 लाख करोड़ बताई गई है। इनमें 15 लोग पहली बार सूची में शामिल हुए हैं।
रिपोर्ट से यह भी सामने आया कि सूची में शामिल लोगों में 1,266 यानी करीब 70 प्रतिशत सेल्फ-मेड उद्यमी हैं।
इस तरह M3M हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 में अडाणी परिवार ने एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि मुकेश अंबानी और परिवार दूसरे स्थान पर हैं। रैंकिंग में इस साल AI, डिफेंस, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों से जुड़ी संपत्ति में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
