भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram की पैरेंट कंपनी Meta को बच्चों के यौन शोषण (Child Sexual Exploitation) से जुड़े कथित विज्ञापनों के मामले में नोटिस जारी किया है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय ने कंपनी से 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है और प्लेटफॉर्म पर मौजूद ऐसे सभी विज्ञापनों व कंटेंट को तुरंत हटाने और ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नोटिस 4 जुलाई को जारी किया गया। सरकार ने कहा है कि बच्चों के यौन शोषण से संबंधित किसी भी प्रकार के कंटेंट को बढ़ावा देना या उसकी पहुंच उपलब्ध कराना गंभीर अपराध है और इस पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
BBC की रिपोर्ट के बाद सरकार हुई सख्त
यह कार्रवाई BBC की एक खोजी रिपोर्ट सामने आने के बाद की गई। रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत में Instagram पर ऐसे पेड विज्ञापन दिखाई दे रहे थे, जिनमें बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर यूजर्स को आकर्षित किया जा रहा था।
रिपोर्ट के अनुसार, इन विज्ञापनों पर क्लिक करने के बाद यूजर्स को Telegram चैनलों पर भेजा जाता था, जहां कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा अवैध कंटेंट बेहद कम कीमत में उपलब्ध कराया जा रहा था।
Meta को दिए गए ये निर्देश
सरकार ने Meta से कहा है कि:
- प्लेटफॉर्म पर मौजूद ऐसे सभी विज्ञापनों को तुरंत हटाया जाए।
- बाल यौन शोषण से जुड़े कंटेंट और लिंक को ब्लॉक किया जाए।
- भविष्य में ऐसे विज्ञापन दोबारा प्रकाशित न हों, इसके लिए मॉडरेशन सिस्टम को और मजबूत बनाया जाए।
- पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर सरकार को सौंपी जाए।
रिपोर्ट में मॉडरेशन सिस्टम पर भी उठे सवाल
BBC की रिपोर्ट में कहा गया कि Instagram पर कोई भी विज्ञापन प्रकाशित होने से पहले Meta के मॉडरेशन सिस्टम से होकर गुजरता है। इसके बावजूद ऐसे विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर दिखाई देना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जब BBC ने ऐसे एक विज्ञापन की शिकायत Instagram से की, तो शुरुआत में कंपनी ने उसे अपनी कम्युनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं माना। बाद में मामले के सार्वजनिक होने पर Meta ने कई विज्ञापन हटाने, संबंधित अकाउंट्स को सस्पेंड करने और संदिग्ध URL ब्लॉक करने की जानकारी दी।
Meta ने क्या कहा?
Meta ने स्वीकार किया कि उसका मॉडरेशन सिस्टम पूरी तरह त्रुटिरहित नहीं है। कंपनी के अनुसार, हर बार सभी नियम उल्लंघनों की पहचान कर पाना संभव नहीं होता, लेकिन प्लेटफॉर्म की सुरक्षा लगातार बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पहले भी भेजा जा चुका है नोटिस
गौरतलब है कि इससे पहले 1 जुलाई को भी केंद्र सरकार ने Meta को WhatsApp के Username फीचर को लेकर नोटिस जारी किया था। अब Instagram पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कथित विज्ञापनों के मामले ने कंपनी की जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।