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राजस्थान में 11 साल बाद बड़ा फैसला! क्या जल्द निकलेंगी 1.23 लाख सरकारी भर्तियां?

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राजस्थान में 11 साल बाद बड़ा फैसला! क्या जल्द निकलेंगी 1.23 लाख सरकारी भर्तियां?
राजस्थान शिक्षा विभाग में 11 साल बाद स्टाफिंग पैटर्न बदलने की तैयारी, 1.23 लाख नए पदों का प्रस्ताव।

राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी उम्मीद की खबर सामने आई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने करीब 11 साल बाद स्टाफिंग पैटर्न में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव के तहत विभाग में 1,23,186 नए पद जोड़ने की सिफारिश की गई है। यदि राज्य सरकार और वित्त विभाग से मंजूरी मिल जाती है, तो आने वाले समय में शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर नई भर्तियों का रास्ता खुल सकता है।

विभागीय प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा विभाग में 3,92,431 स्वीकृत पद हैं, लेकिन स्कूलों में बढ़ती छात्र संख्या, विषयवार शिक्षकों की जरूरत और प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए अब 5,15,617 पदों की आवश्यकता बताई गई है। यानी मौजूदा व्यवस्था की तुलना में लगभग 32 प्रतिशत पद बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

इन पदों में होगी सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

प्रस्ताव के अनुसार सबसे अधिक नए पद स्कूल लेक्चरर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित किए गए हैं।

  • स्कूल लेक्चरर के वर्तमान 55,114 पद बढ़ाकर 84,241 करने का प्रस्ताव।
  • यानी 29,127 नए लेक्चरर पद जुड़ सकते हैं।
  • चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 27,720 पद बढ़ाकर 51,560 करने की तैयारी।
  • यानी इस कैडर में 23,840 अतिरिक्त पद प्रस्तावित हैं।

इसके अलावा प्रधानाचार्य, वरिष्ठ अध्यापक, पुस्तकालयाध्यक्ष, प्रयोगशाला सहायक और अन्य शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय पदों की संख्या भी आवश्यकता के अनुसार बढ़ाई जा सकती है।

क्या है स्टाफिंग पैटर्न?

स्टाफिंग पैटर्न वह व्यवस्था होती है जिसके आधार पर तय किया जाता है कि किसी सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या, कक्षाओं, विषयों और प्रशासनिक जरूरतों के हिसाब से कितने शिक्षक और कर्मचारी होने चाहिए। पिछली बार यह व्यवस्था वर्ष 2015 में लागू की गई थी। अब बदलते शैक्षणिक ढांचे और बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इसे फिर से संशोधित किया जा रहा है।

मंजूरी मिली तो क्या होगा फायदा?

अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर हो सकती है। विषयवार शिक्षक उपलब्ध होंगे, प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय बेहतर तरीके से संचालित होंगे, स्कूलों की मॉनिटरिंग मजबूत होगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। साथ ही हजारों बेरोजगार युवाओं के लिए नई भर्ती के अवसर पैदा होंगे और कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति के ज्यादा मौके मिल सकते हैं।

अभी क्या है स्थिति?

फिलहाल यह केवल विभागीय प्रस्ताव है। इसे वित्त विभाग के पास भेजा जाएगा। वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार नए पदों के सृजन पर अंतिम निर्णय लेगी। इसके बाद कैडरवार पद स्वीकृत होंगे और चरणबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। इसलिए फिलहाल नई भर्ती की कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

शिक्षक संघ ने की जल्द मंजूरी की मांग

राजस्थान के शिक्षक संगठनों ने सरकार से इस प्रस्ताव को जल्द लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे न केवल स्कूलों में रिक्त पद भरेंगे, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

पेपर लीक मामले में भी बड़ी कार्रवाई

इसी बीच एसओजी ने वर्ष 2019 की महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में आरोपी पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े मुख्य आरोपी की पत्नी सरस्वती को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार उस पर कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र के जरिए परीक्षा देने का आरोप है। फिलहाल एसओजी मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

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