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एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, इकलौते बेटे के बाद पिता ने भी तोड़ा दम

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एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, इकलौते बेटे के बाद पिता ने भी तोड़ा दम
A family in Nayabas Rundal village near Shahpura, Jaipur, has faced a heartbreaking double tragedy. After 22-year-old Rahul Ghoslya, the only brother of seven sisters, died following a brain stroke, his father Bansidhar Ghoslya also passed away months later after battling brain cancer.

शाहपुरा (जयपुर)। नयाबास रूंडल गांव के एक परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। सात बहनों के इकलौते भाई 22 वर्षीय राहुल घोसल्या की ब्रेन स्ट्रोक के बाद मौत के कुछ महीने बाद अब उनके पिता बंसीधर जी घोसल्या का भी निधन हो गया। बंसीधर जी लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे और 16 सितंबर की शाम उन्होंने दम तोड़ दिया।

कजाखस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे राहुल

राहुल घोसल्या वर्ष 2021 से कजाखस्तान के अस्ताना में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। 8 अक्टूबर 2025 को पढ़ाई के दौरान उन्हें अचानक ब्रेन स्ट्रोक आया। हालत गंभीर होने पर उन्हें वहां वेंटिलेटर पर रखा गया।

राहुल की हालत की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने उन्हें जयपुर लाने के लिए अपील की। सामाजिक संगठनों और अन्य लोगों के प्रयासों के बाद 21 अक्टूबर को उन्हें एयर एम्बुलेंस से जयपुर लाया गया और एसएमएस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया।

इलाज के बावजूद नहीं बच सकी जान

एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी के नेतृत्व में चार सदस्यीय चिकित्सक दल ने राहुल का इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार 2 नवंबर 2025 को राहुल का निधन हो गया।

राहुल सात बहनों के इकलौते भाई थे। उनके जाने से परिवार पहले ही गहरे सदमे में था।

बेटे के बाद पिता ने भी दुनिया को कहा अलविदा

राहुल की मौत के बाद परिवार के मुखिया बंसीधर जी घोसल्या भी ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे। बेटे को खोने का गम और बीमारी के बीच उनका स्वास्थ्य लगातार चुनौतीपूर्ण बना रहा। 16 सितंबर की शाम उनका भी निधन हो गया।

कुछ ही महीनों के अंतराल में बेटे और पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

अब घर में अकेली रह गईं राहुल की मां

परिवार में सभी सात बहनों की शादी हो चुकी है। राहुल के बाद अब उनके पिता के निधन से नयाबास रूंडल स्थित घर में उनकी मां अकेली रह गई हैं।

एक ही परिवार में कुछ महीनों के भीतर हुई इन दो मौतों से गांव और आसपास का क्षेत्र भी शोक में डूब गया। परिजनों, ग्रामीणों और परिचितों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत राहुल और बंसीधर जी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और राहुल की मां को इस कठिन समय में शक्ति मिलने की कामना की।

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