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महोबा में किसानों का अनोखा विरोध, सर्वेयरों को चूड़ी-बिंदी और जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया

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महोबा में किसानों का अनोखा विरोध, सर्वेयरों को चूड़ी-बिंदी और जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया
Farmers in Mahoba staged a unique protest against two crop surveyors, accusing them of demanding money during a crop damage survey under the Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana.

महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में फसल नुकसान के सर्वे के नाम पर कथित अवैध वसूली से नाराज किसानों ने दो सर्वेयरों के खिलाफ अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने दोनों सर्वेयरों पर फसल नुकसान का ज्यादा मुआवजा दिलाने का भरोसा देकर पैसे मांगने का आरोप लगाया। विरोध के दौरान महिलाओं ने दोनों सर्वेयरों को चूड़ी, पेटीकोट और ब्लाउज पहनाए, लाली-बिंदी लगाई और गले में जूतों की माला डालकर पूरे गांव में घुमाया। बाद में दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

90 फीसदी फसल बर्बाद होने का दावा

मामला चरखारी विधानसभा क्षेत्र के नटर्रा गांव का बताया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले करीब 20 दिनों से हुई भारी बारिश के कारण गांव में उड़द, तिली और मूंगफली की फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसानों का दावा है कि करीब 90 फीसदी फसल बर्बाद हो चुकी है।

किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल नुकसान का सर्वे होने और उसके आधार पर मुआवजा मिलने का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच बीमा कंपनी इफको टोक्यो से जुड़ी निजी एजेंसी ग्लोबल अर्क के दो सर्वेयर गांव में फसल नुकसान का सर्वे करने पहुंचे।

दोनों सर्वेयर मध्य प्रदेश के छतरपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

ज्यादा बीमा राशि दिलाने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दोनों सर्वेयर पिछले करीब एक सप्ताह से गांव में किसानों से संपर्क कर रहे थे। किसानों का कहना है कि सर्वे में ज्यादा नुकसान दर्ज करने और अधिक बीमा राशि दिलाने के नाम पर उनसे 1 हजार से 5 हजार रुपये तक मांगे जा रहे थे।

ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ किसानों से पैसे नकद लिए गए, जबकि कुछ से ऑनलाइन माध्यम से रकम ली गई। किसानों ने आरोप लगाया कि करीब 200 से अधिक किसानों से लगभग 2 लाख रुपये की वसूली की गई।

किसानों का यह भी आरोप है कि पैसे नहीं देने पर उन्हें बीमा योजना का लाभ नहीं मिलने की बात कही जाती थी। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

ग्रामीणों ने दोनों सर्वेयरों को पकड़ा

मामले की जानकारी मिलने के बाद जागरूक ग्रामीणों और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रविंद्र राजपूत ने दोनों सर्वेयरों को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने उनसे पूछताछ की और उन पर किसानों से पैसे लेने का आरोप लगाया।

इसके बाद चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत को मामले की जानकारी दी गई। विधायक के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि सूरज पांडे समर्थकों के साथ गांव पहुंचे।

महिलाओं ने चूड़ी-बिंदी लगाकर निकाला जुलूस

मामले को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी थी। महिला किसानों ने दोनों सर्वेयरों के खिलाफ अनोखे तरीके से विरोध जताया। महिलाओं ने दोनों को चूड़ी, पेटीकोट और ब्लाउज पहनाया। इसके बाद उनके चेहरे पर लाली-बिंदी लगाई गई और गले में जूतों की माला डाल दी गई।

इसके बाद दोनों सर्वेयरों को गांव में घुमाया गया। ग्रामीणों का कहना था कि बारिश और फसल बर्बाद होने से किसान पहले ही परेशान हैं और ऐसे समय में उनसे कथित तौर पर पैसे मांगना गलत है।

कृषि अधिकारी मौके पर पहुंचे

विरोध और हंगामे की सूचना मिलने पर कृषि अधिकारी राम सजीवन भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने दोनों सर्वेयरों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। साथ ही किसानों से कथित तौर पर लिए गए पैसे वापस कराने की मांग भी रखी।

कृषि अधिकारी ने ग्रामीणों को मामले की जानकारी जिलाधिकारी तक पहुंचाने और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पुलिस हिरासत में दोनों सर्वेयर

ग्रामीणों ने दोनों सर्वेयरों को पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल दोनों पुलिस हिरासत में बताए जा रहे हैं। मामले में किसानों द्वारा लगाए गए अवैध वसूली के आरोपों की जांच की जा रही है।

किसानों का कहना है कि फसल नुकसान के सर्वे में पारदर्शिता बरती जाए और जिन किसानों की फसल बारिश से खराब हुई है, उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाए।

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