नई दिल्ली। दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर बुधवार देर रात बुलडोजर कार्रवाई की गई। अधिकारियों के मुताबिक, हाई कमीशन की तय सीमा से बाहर बनाए गए बैरिकेड, फेंसिंग और कुछ अस्थायी ढांचों को हटाया गया। JCB की मदद से वीजा सेक्शन के पास कतार प्रबंधन के लिए बनाए गए ढांचे भी हटा दिए गए।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब दो दिन पहले इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन के बाहर लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड और पार्किंग पोल हटाए गए थे। इससे दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव की चर्चा तेज हो गई है।
वीजा सेक्शन के पास भी हटाए गए ढांचे
कार्रवाई के दौरान हाई कमीशन के बाहरी हिस्से में लगी सफेद मेटल फेंसिंग, लोहे के फ्रेम, छत की चादरें, ईंट और कंक्रीट के कुछ हिस्से हटाए गए। मौके पर टूटे हुए निर्माण सामग्री के टुकड़े दिखाई दिए।
वीजा सेक्शन के पास बने कतार प्रबंधन से जुड़े ढांचे भी हटाए गए। वहां वीजा और पासपोर्ट से संबंधित काउंटर दिखाई दे रहे थे।
मुख्य गेट और बिल्डिंग सुरक्षित
बुलडोजर कार्रवाई हाई कमीशन की मुख्य इमारत तक नहीं की गई। मुख्य गेट, सफेद दीवारें और प्रवेश द्वार सुरक्षित रहे। परिसर के कुछ हिस्सों में कांटेदार तार भी दिखाई दिए।
कश्मीर मुद्दे पर भी बढ़ा तनाव
भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की जम्मू-कश्मीर को लेकर टिप्पणी भी चर्चा में है। 19 अगस्त को श्रीनगर दौरे के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था।
पाकिस्तान ने इस बयान पर आपत्ति जताई और इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नताली बेकर को तलब किया।
पाकिस्तान हाई कमीशन ही क्यों कहा जाता है?
भारत और पाकिस्तान दोनों कॉमनवेल्थ के सदस्य हैं। कॉमनवेल्थ देशों के बीच आधिकारिक राजनयिक मिशन को आमतौर पर हाई कमीशन कहा जाता है और इसके प्रमुख को हाई कमिश्नर कहा जाता है।
वहीं, गैर-कॉमनवेल्थ देशों के बीच राजनयिक मिशन को एम्बेसी कहा जाता है और उसके प्रमुख को राजदूत कहा जाता है। दोनों के कामकाज में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता।
बड़ी बात
दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर अवैध बताए गए ढांचे बुलडोजर से हटाए गए। यह कार्रवाई इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन के बाहर हुई कार्रवाई के दो दिन बाद हुई है।