राजस्थान में शहरों के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ज्यादा सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में नई शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएम ई-बस सेवा के तहत 71 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इन बसों का फायदा जयपुर, भीलवाड़ा, अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर के यात्रियों को मिलेगा।
जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 24 बसों को सीधे रवाना किया गया, जबकि बाकी 47 बसों की शुरुआत अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर के लिए वर्चुअल माध्यम से की गई। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा समेत कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
1150 ई-बसों तक पहुंचाने की तैयारी
सरकार की योजना राजस्थान के कई बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने की है। पीएम ई-बस सेवा के पहले चरण में 675 बसों को मंजूरी मिली है। इसके अलावा राज्य सरकार के प्रयासों से 475 और बसें स्वीकृत हुई हैं। इस तरह प्रदेश में कुल 1150 ई-बसें चलाने की योजना है।
इन बसों के लिए केवल वाहन ही नहीं, बल्कि जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जा रहा है। चार्जिंग स्टेशन, बस स्टॉप और बस स्टैंड जैसी सुविधाओं को विकसित करने पर काम चल रहा है।
प्रदूषण घटाने के साथ सफर आसान करने पर जोर
इलेक्ट्रिक बसों को शहरी परिवहन व्यवस्था में शामिल करने का मकसद यात्रियों को बेहतर विकल्प देना और प्रदूषण कम करना भी है। सरकार का फोकस आने वाले समय में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ शहरों में कनेक्टिविटी मजबूत करने पर है।
1,421 शहरी विकास कार्य भी शामिल
ई-बस सेवा के साथ सरकार की ओर से शहरी विकास से जुड़े 1,421 कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया गया। इनमें सड़क, ट्रैफिक व्यवस्था, जल निकासी, सीवरेज और सुरक्षित सब-वे से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।
इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य और श्रमिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 1 लाख 32 हजार 421 लाभार्थियों को करीब 126 करोड़ रुपये की सहायता राशि दिए जाने की जानकारी दी गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि ई-बसों के विस्तार के साथ शहरों में परिवहन व्यवस्था को ज्यादा सुगम बनाने और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर लगातार काम किया जा रहा है।