80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से 76 मिनट का संबोधन दिया। अपने भाषण में उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य, आत्मनिर्भरता, युवाओं की AI स्किलिंग, महिला आरक्षण, नक्सलवाद और आपदा प्रबंधन समेत कई मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अब बड़े लक्ष्य और तेज गति से काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में देश को ऐसी दिशा में आगे बढ़ना होगा, जहां भारत अपनी जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर न रहे।
1. ‘हथियारबंद नक्सल गए, दिमागी नक्सल मौजूद’
पीएम मोदी ने नक्सलवाद का जिक्र करते हुए कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद को काफी हद तक खत्म किया जा चुका है, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ अभी भी समाज को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने युवाओं को ऐसे लोगों से सावधान रहने और उन्हें पहचानकर अलग करने की बात कही। पीएम ने कहा कि युवा पीढ़ी को देश को विकसित राष्ट्र बनाने के अभियान से जोड़ना होगा।
2. महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों से अपील
प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व देने वाले महिला आरक्षण का भी जिक्र किया।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति न करें और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में साथ आएं।
3. 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना देश का बड़ा संकल्प है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए सिर्फ योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि देश के वर्क कल्चर और सोच में भी बदलाव लाना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो काम पिछले कई दशकों में नहीं हो पाए, उन्हें आने वाले 5 से 7 वर्षों में तेजी से पूरा करने की कोशिश करनी होगी।
4. एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग
युवाओं के लिए प्रधानमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी।
इसके साथ ही गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के युवाओं के लिए कई प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
5. आत्मनिर्भर भारत पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अपनी जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर होकर नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने आत्मनिर्भरता को देश की आर्थिक और रणनीतिक ताकत से जोड़ते हुए कहा कि दुनिया में कई चीजें सस्ती और आसानी से उपलब्ध हो सकती हैं, लेकिन इससे देश की अपनी क्षमता विकसित नहीं होती। इसलिए भारत को अपनी उत्पादन क्षमता और कौशल को लगातार मजबूत करना होगा।
6. ग्लोबलाइजेशन पर बदले माहौल का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय जब वे आत्मनिर्भर भारत की बात करते थे, तब कुछ लोग ग्लोबलाइजेशन को लेकर सवाल उठाते थे। लेकिन पिछले एक दशक में वैश्विक परिस्थितियों में काफी बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भारत को अपने हितों की सुरक्षा के साथ अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा।
7. बड़े सपने देखने की जरूरत
पीएम मोदी ने देशवासियों से छोटे लक्ष्य छोड़कर बड़े सपने देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बड़े सपने सोच को भी बड़ा बनाते हैं और मजबूत संकल्प मुश्किल परिस्थितियों से रास्ता निकालने की क्षमता देता है।
उन्होंने आपदाओं और चुनौतियों का सामना करते हुए देश को आगे बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
कुल मिलाकर, लाल किले से पीएम मोदी का संदेश युवाओं, AI स्किलिंग, महिला प्रतिनिधित्व, आत्मनिर्भरता और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के इर्द-गिर्द रहा।