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Census 2027: घर-घर पहुंचेगा सरकारी अमला, जाति से लेकर नौकरी और मोबाइल तक पूछे जाएंगे 40 सवाल

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Census 2027: घर-घर पहुंचेगा सरकारी अमला, जाति से लेकर नौकरी और मोबाइल तक पूछे जाएंगे 40 सवाल
Census 2027 will collect detailed household information across India, including caste, education, employment, migration, religion, disability, bank accounts and identity details.

भारत की अगली जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने एक अहम जानकारी साझा की है। Census 2027 में लोगों से केवल नाम और उम्र जैसी सामान्य जानकारी ही नहीं ली जाएगी, बल्कि परिवार की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति से जुड़े कई सवाल भी पूछे जाएंगे।

इस बार की जनगणना इसलिए भी खास है क्योंकि जाति से जुड़ी जानकारी को भी शामिल किया गया है। जनगणना कर्मी घर-घर जाकर निर्धारित सवालों के आधार पर परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज करेंगे।

40 सवालों में क्या-क्या आएगा?

जनगणना के दौरान व्यक्ति की पहचान से लेकर उसके परिवार और सामाजिक स्थिति तक की जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें नाम, परिवार के मुखिया से रिश्ता, लिंग, उम्र, वैवाहिक स्थिति, राष्ट्रीयता और धर्म जैसी जानकारियां शामिल हैं।

इसके साथ ही SC, ST और जाति, माता-पिता की जानकारी और दिव्यांगता से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।

पढ़ाई और नौकरी की भी जानकारी

सरकार इस प्रक्रिया के जरिए यह भी जानना चाहती है कि देश की आबादी की शिक्षा और रोजगार की स्थिति क्या है। इसके लिए साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, पढ़ाई का विषय, रोजगार, व्यवसाय, उद्योग और कामगार की श्रेणी से संबंधित जानकारी ली जाएगी।

अगर कोई व्यक्ति काम की तलाश में है या काम करने के लिए उपलब्ध है, तो उसका विवरण भी दर्ज किया जाएगा। कार्यस्थल तक पहुंचने के तरीके के बारे में भी सवाल होगा।

लोग कहां से आए, यह भी होगा दर्ज

जनगणना में प्रवास से जुड़ी जानकारी पर भी फोकस रहेगा। व्यक्ति का जन्म स्थान, पिछला निवास, वर्तमान स्थायी पता, प्रवास की वजह और किसी नए स्थान पर कितने समय से रह रहा है—इन सभी पहलुओं को दर्ज किया जाएगा।

परिवार और बच्चों से जुड़े सवाल

महिलाओं से संबंधित जानकारी के लिए भी अलग सवाल रखे गए हैं। वर्तमान वैवाहिक स्थिति के आधार पर महिलाओं से जीवित बच्चों की संख्या और अब तक जन्मे बच्चों की कुल संख्या पूछी जाएगी। पिछले एक साल में जन्मे बच्चों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।

मोबाइल और बैंक खाते तक की जानकारी

जनगणना के सवालों में आधुनिक सुविधाओं और पहचान से जुड़े विवरण भी शामिल हैं। उपलब्ध होने पर मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी और पासपोर्ट से संबंधित जानकारी पूछी जाएगी। इसके अलावा परिवार के कुल बैंक खातों की संख्या और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता के बारे में भी सवाल होगा।

कुछ क्षेत्रों में पहले शुरू होगा काम

सरकार के कार्यक्रम के अनुसार लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनसंख्या गणना का चरण 1 से 30 सितंबर के बीच किया जाएगा। देश के अन्य हिस्सों में यह प्रक्रिया अगले चरण में होगी।

जातिगत आंकड़ों पर रहेगी खास नजर

Census 2027 का सबसे बड़ा बदलाव जाति संबंधी जानकारी का शामिल होना है। इससे देश में अलग-अलग सामाजिक समूहों से जुड़े आंकड़े सामने आने की उम्मीद है। जनगणना से मिलने वाला डेटा भविष्य में सामाजिक और आर्थिक नीतियां तैयार करने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

यानी इस बार की जनगणना सिर्फ यह नहीं बताएगी कि देश में कितने लोग रहते हैं, बल्कि लोगों की शिक्षा, रोजगार, प्रवास, सामाजिक स्थिति और कई अन्य पहलुओं की तस्वीर भी सामने लाएगी।

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