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टाटा संस के नए चेयरमैन की रेस में टीवी नरेंद्रन सबसे आगे, चंद्रशेखरन फरवरी 2027 तक संभालेंगे पद

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टाटा संस के नए चेयरमैन की रेस में टीवी नरेंद्रन सबसे आगे, चंद्रशेखरन फरवरी 2027 तक संभालेंगे पद
Tata Steel MD TV Narendran is reportedly among the strongest contenders to become the next Tata Sons chairman after N Chandrasekaran's resignation. Chandrasekaran will continue in the role until February 2027, giving the group time to complete the succession process.

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद अब उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो गई है। टाटा स्टील के MD टीवी नरेंद्रन को नए चेयरमैन पद की रेस में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, अभी किसी नाम पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

चंद्रशेखरन ने इस्तीफा देने के बावजूद फरवरी 2027 तक टाटा संस के चेयरमैन पद पर बने रहने की बात कही है। ऐसे में नए चेयरमैन के चयन और जिम्मेदारी के हस्तांतरण के लिए समूह के पास करीब छह महीने का समय है।

5 सदस्यीय कमेटी करेगी नए चेयरमैन का चयन

टाटा संस के नियमों के अनुसार नए चेयरमैन के चयन के लिए 5 सदस्यीय सिलेक्शन कमेटी बनाई जाती है। कमेटी संभावित उम्मीदवारों के नामों की जांच करने के बाद उनका इंटरव्यू करती है और फिर टाटा संस बोर्ड को अपनी सिफारिश देती है।

कमेटी में:

  • सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट से 3 सदस्य
  • टाटा संस बोर्ड की ओर से 1 सदस्य
  • बोर्ड द्वारा चुना गया 1 स्वतंत्र सदस्य शामिल होता है।

टीवी नरेंद्रन का नाम क्यों सबसे आगे?

टीवी नरेंद्रन लंबे समय से टाटा ग्रुप का हिस्सा हैं। वह 1988 में टाटा स्टील से जुड़े थे और उनका लगभग पूरा प्रोफेशनल करियर इसी कंपनी में रहा है।

उनके नाम पर चर्चा की सबसे बड़ी वजहों में टाटा स्टील को मुश्किल दौर से निकालने का अनुभव माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में कंपनी ने कर्ज घटाने, कैश फ्लो सुधारने और घरेलू बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने पर काम किया।

नरेंद्रन को टाटा ग्रुप की कार्यशैली और संस्कृति की भी गहरी समझ है। यही वजह है कि चंद्रशेखरन के बाद ग्रुप के लिए उन्हें एक संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है।

टाटा ग्रुप को चाहिए ऑपरेशनल अनुभव वाला लीडर

टाटा संस के चेयरमैन की भूमिका सिर्फ कंपनियों की निगरानी तक सीमित नहीं है। चेयरमैन को बड़े निवेश, पूंजी आवंटन, रणनीतिक फैसले, रेगुलेटरी मामलों और अलग-अलग बिजनेस के लंबे समय के विकास पर फैसला लेना होता है।

टीवी नरेंद्रन के पास स्टील जैसे बड़े और जटिल कारोबार को संभालने का लंबा अनुभव है। यही अनुभव उन्हें दूसरे संभावित दावेदारों के मुकाबले मजबूत बना सकता है।

चेयरमैन चयन में कानूनी पेंच

हालांकि, नए चेयरमैन की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी तरह आसान नहीं होगी। महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के एक निर्देश के चलते सर रतन टाटा ट्रस्ट फिलहाल अपने ट्रस्टियों की बैठक आयोजित नहीं कर पा रहा है।

चूंकि चयन कमेटी में टाटा ट्रस्ट्स की ओर से तीन सदस्यों को नामित किया जाना है, इसलिए यह स्थिति चेयरमैन चयन की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

नोएल टाटा अंतरिम चेयरमैन क्यों नहीं बन सकते?

2016 में साइरस मिस्त्री को हटाए जाने के बाद रतन टाटा ने अंतरिम चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली थी। लेकिन इस बार नोएल टाटा के लिए ऐसा करना संभव नहीं माना जा रहा है।

2022 में टाटा संस के नियमों में बदलाव किया गया था, जिसके तहत टाटा ट्रस्ट्स का चेयरमैन एक साथ टाटा संस का चेयरमैन नहीं बन सकता। रतन टाटा इस व्यवस्था से पहले दोनों पद संभालने वाले आखिरी व्यक्ति थे।

नोएल टाटा आगे क्या करेंगे?

नोएल टाटा नवंबर 2026 में 70 वर्ष के हो जाएंगे। टाटा ग्रुप की नीति के मुताबिक नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के लिए 70 वर्ष की रिटायरमेंट उम्र है।

हालांकि, वह टाटा संस के बोर्ड में डायरेक्टर बने रह सकते हैं, क्योंकि ट्रस्ट के नॉमिनी के तौर पर उनके लिए सामान्य रिटायरमेंट नियम लागू नहीं होते।

फिलहाल टीवी नरेंद्रन का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, लेकिन नए चेयरमैन का अंतिम फैसला सिलेक्शन कमेटी और टाटा संस बोर्ड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

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