अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना के अनुसार, इन ठिकानों से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले की तैयारी की जा रही थी।
PMF ने दावा किया है कि इन एयर स्ट्राइक में उसके 8 लड़ाके मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान ने जवाब में दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें
इराक में हुए हमलों के कुछ घंटे बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान की ओर से जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, लेकिन सभी मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया गया।
वहीं, सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने अपने पूर्वी प्रांत में मौजूद तेल ठिकानों की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन को मार गिराया है।
होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर में बढ़ा तनाव
ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में तीन तेल टैंकरों को रोका है।
इसके अलावा, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने का दावा किया है।
मध्य पूर्व में बढ़ता सैन्य तनाव
अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी देशों के बीच बढ़ते टकराव से मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इराक, सऊदी अरब, लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक इलाकों में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में इन घटनाओं पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।