देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 9 घंटों के भीतर उत्तर भारत के कई राज्यों में तेज आंधी और भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इस दौरान 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर सक्रिय है। इसके साथ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी भरी हवाएं मौसम को और ज्यादा अस्थिर बना रही हैं।
इसी कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और गरज-चमक का दौर जारी है।
अगले 9 घंटे बेहद अहम
IMD ने साफ कहा है कि अगले कुछ घंटे मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहेंगे।
इस दौरान:
- 80–90 किमी/घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं
- कई जगहों पर बिजली गिरने के साथ गरज-चमक होगी
- भारी बारिश के तेज दौर देखने को मिल सकते हैं
- कुछ इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है
दिल्ली-NCR में तापमान गिरा
बारिश के कारण दिल्ली में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
- अधिकतम तापमान: सामान्य से लगभग 4 डिग्री कम
- न्यूनतम तापमान: सामान्य से 6 डिग्री कम
- मौसम: बादल और हल्की उमस के साथ बदलता हुआ
हालांकि आने वाले दिनों में धीरे-धीरे तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है।
यूपी और राजस्थान में बारिश का असर
उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है।
- कानपुर में 67.6 मिमी बारिश दर्ज
- प्रयागराज सहित कई जिलों में तेज बारिश
- राजस्थान के कई इलाकों में आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं
IMD ने अगले 4–5 दिनों तक राजस्थान में आंधी-बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।
हिमाचल प्रदेश में भी अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम खराब बना हुआ है।
- 19 जून तक बारिश की संभावना
- चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला में तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान
- 30–50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होगा, वैसे-वैसे मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा। लेकिन अगले कुछ दिनों तक नमी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है।
निष्कर्ष
IMD का यह अलर्ट साफ संकेत देता है कि अगले 9 घंटे उत्तर भारत के लिए बेहद संवेदनशील हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे न जाएं और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखें।