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आखिर क्या है ‘370 बिरयानी’ का राज? वायरल कंटेंट के बाद कॉमेडियन पर FIR

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आखिर क्या है ‘370 बिरयानी’ का राज? वायरल कंटेंट के बाद कॉमेडियन पर FIR
370 बिरयानी' विवाद में कॉमेडियन प्रणित मोरे समेत कई लोगों पर FIR दर्ज, महाराष्ट्र साइबर सेल ने शुरू की जांच।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर महाराष्ट्र साइबर सेल ने बड़ा कदम उठाया है। स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित उन वीडियो क्लिप्स से जुड़ा है, जिनमें महिलाओं, सहमति (कंसेंट) और मृत व्यक्तियों को लेकर कथित तौर पर अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का आरोप है।

क्या है पूरा मामला?

महाराष्ट्र साइबर सेल के अनुसार, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की निगरानी के दौरान कुछ वीडियो और क्लिप्स सामने आए, जिन्हें लेकर शिकायतें मिली थीं। जांच में पाया गया कि ये वीडियो एक स्टैंड-अप कॉमेडी कार्यक्रम से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिनका प्रसारण यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किया गया।

साइबर सेल का आरोप है कि इन वीडियो में सामाजिक मर्यादाओं और सार्वजनिक शालीनता के खिलाफ टिप्पणियां की गईं, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

महाराष्ट्र साइबर ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है।

एफआईआर में कॉमेडियन प्रणित मोरे, हिमांशु जांगरा, डॉ. सेजल पवार और अन्य संबंधित लोगों को आरोपी बनाया गया है।

महिलाओं और कंसेंट पर टिप्पणी को लेकर विवाद

जांच के दौरान एक वीडियो क्लिप सामने आई, जिसमें कथित तौर पर महिलाओं और डेटिंग से जुड़े विषयों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। साइबर सेल का कहना है कि ऐसी टिप्पणियां महिलाओं की गरिमा और सहमति जैसे गंभीर विषयों को गलत तरीके से प्रस्तुत करती हैं।

मृत व्यक्तियों पर टिप्पणी भी बनी विवाद की वजह

जांच एजेंसी को एक अन्य वीडियो क्लिप भी मिली, जिसमें मेडिकल शिक्षा में इस्तेमाल होने वाले शवों और मृत व्यक्तियों को लेकर कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां की गई थीं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सामग्री सार्वजनिक संवेदनशीलता और सामाजिक मानकों के खिलाफ मानी जा सकती है।

व्यूज और कमाई के लिए कंटेंट प्रमोट करने का आरोप

महाराष्ट्र साइबर सेल का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो को जानबूझकर सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित किया गया। एजेंसी का दावा है कि ऐसा अधिक व्यूअरशिप, दर्शकों की भागीदारी और ऑनलाइन मोनेटाइजेशन के जरिए आर्थिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से किया गया।

तीनों आरोपियों को भेजा गया समन

मामले की जांच के तहत प्रणित मोरे, हिमांशु जांगरा और डॉ. सेजल पवार को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया यूजर्स से अपील

महाराष्ट्र साइबर सेल ने कंटेंट क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से ऑनलाइन सामग्री साझा करते समय कानूनी और सामाजिक जिम्मेदारियों का ध्यान रखने की अपील की है। साथ ही लोगों से ऐसी विवादित सामग्री को शेयर या फॉरवर्ड न करने की भी सलाह दी गई है।

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