अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा दावा किया है। ट्रम्प के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने नई परमाणु डील को मंजूरी दे दी है। हालांकि, ईरान की तरफ से अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
क्या बोले ट्रम्प?
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि नई डील के तहत ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और न ही उसे हासिल करने की कोशिश करेगा। उन्होंने दावा किया कि समझौता लागू होते ही होर्मुज स्ट्रेट को फिर से पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
ट्रम्प ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और समझौते की संभावनाएं पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं।
अमेरिका ने रोके नए हमले
ट्रम्प ने खुलासा किया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ प्रस्तावित नए हवाई हमले और बड़े सैन्य अभियान फिलहाल रद्द कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि बातचीत निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है, इसलिए सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला लिया गया।
हालांकि उन्होंने साफ किया कि जब तक अंतिम समझौता नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका अपनी रणनीतिक नाकेबंदी और दबाव की नीति जारी रखेगा।
होर्मुज स्ट्रेट पर क्यों टिकी दुनिया की नजर?
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव बना हुआ है। ईरान ने चेतावनी दी है कि उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
वहीं अमेरिका का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही फिलहाल जारी है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
भारत ने जताई चिंता
ओमान तट के पास जहाजों पर हुए हमलों के बाद भारत ने भी कड़ा रुख अपनाया है। भारतीय क्रू वाले जहाजों को निशाना बनाए जाने पर भारत ने विरोध दर्ज कराया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हालिया हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई है, जबकि अन्य भारतीय नागरिक सुरक्षित बताए गए हैं।
बैकचैनल बातचीत हुई तेज
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच बैकचैनल बातचीत लगातार जारी है। दोनों देश अरबों डॉलर के ईरानी फंड, प्रतिबंधों में राहत और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
तनाव कम करने के लिए रूस, चीन और कतर भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
क्या इस वीकेंड हो जाएगा समझौता?
ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर इसी सप्ताहांत तक हस्ताक्षर हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो मध्य पूर्व में जारी तनाव कम हो सकता है और वैश्विक तेल बाजारों को बड़ी राहत मिल सकती है।
हालांकि ईरान ने अभी तक किसी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि प्रस्ताव अभी समीक्षा के दौर में है।